सूत्रों के मुताबिक जीएसटी की टीम फर्जी फर्मों में काली कमाई खपाए जाने की भी जांच कर रही है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) करंसी की तरह है। अगर किसी कंपनी का आईटीसी 2 करोड़ है तो उसे कभी भी ट्रांसफर किया जा सकता है या बेचा जा सकता है। यही नहीं आईटीसी रिकॉर्ड वाली फर्म की वैल्यू भी बढ़ जाती है। अंदेशा है कि इन फर्जी फर्मों से आरोपियों ने कई कंपनियां आईटीसी वैल्यू के साथ बेची हैं। काली कमाई खपाने के मकसद से फर्में खरीदने की बात भी सामने आ रही है।
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अपने पैन की जांच करें, रखें संभाल कर
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू देवमणि शर्मा ने बताया कि पैन नंबर का गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ है, इसकी जांच कोई भी व्यक्ति कर सकता है। आशंका के समाधान के लिए Services.gst.gov.in की मदद ले सकते हैं। साइट पर जाकर सर्च टैक्स पेयर के ऑप्शन में पैन नंबर डालकर चेक किया जा सकता है। इसके अलावा आधार और पैन को काफी संभाल कर रखें। दूसरे किसी को फोटोकॉपी या दूसरी प्रति देने से परहेज करें।
ये हैं फर्में और जीएसटी नंबर
लक्ष्मी इंटरप्राइजेज 09AODPT9676CIZE
बीआर इंटरप्राइजेज 09BLBPSO677NIZE
ग्लोबल ट्रेडर्स 09BVVPK6815JIZS