पीड़ितों ने बताया था कि एक खाली जमीन दिखाकर प्राॅपर्टी डीलर ने रजिस्ट्री भी करा दी। रजिस्ट्री के नाम पर पांच से दस लाख रुपये तक बिल्डर ने लोगों से ले लिए। अर्चना ने बताया कि उन्होंने साल 2019 में शारदा सिटी में एक प्लॉट रजिस्ट्री कराई थी। चार साल बीत गए, लेकिन जमीन का पता नहीं चल पाया। उन्होंने बताया कि उनके साथ ही कुछ और लोगों ने भी वहां प्लॉट लिया था। उनके भी प्लॉट का पता नहीं चला। पुलिस ने केस दर्ज कर अब अक्षय को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अक्षय ने बताया है कि उसने जमीन को एक ओमप्रकाश नाम के शख्स से खरीदा था। ओमप्रकाश ने एक श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति से जमीन खरीदी था, जिनकी जमीन पुश्तैनी थी। लेकिन यह जमीन सिलिंग की थी। अक्षय की मानें तो उसके कुछ पार्टनरों ने पहले ही यह जमीन बेच दी थी और बाद में अलग हो गए। फिर 18 सौदे उसने किए, तब उसे सीलिंग की जमीन की जानकारी हो पाई थी।
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उसने पांच लोगों के रुपये वापस कर दिए, लेकिन जिससे जमीन खरीदी थी, उसने ही रुपये वापस नहीं किए। अब पुलिस इसकी जांच कर रही है कि वह कितना सही बोल रहा है। खबर है कि पुलिस इसमें कई अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में लेने जा रही है। उनकी सीडीआर की डिटेल भी मंगाई गई है।
केस एक
बिहार के लोगों से करोड़ों की ठगी की थी ओमप्रकाश ने
28 फरवरी 2022: कैंट पुलिस ने जमीन के नाम पर करोड़ों की जालसाजी करने वाले भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय को जेल भिजवाया था। बाद में पुलिस ने जनवरी 2023 में उसके मोहद्दीपुर स्थित आलीशान मकान को कुर्क कर दिया था। ओमप्रकाश ने बिहार, झारखंड के लोगों को जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपयों की ठगी की थी। पुलिस की जांच में पता चला कि ओमप्रकाश तीन करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। अकेले कैंट थाने में उस पर 28 केस दर्ज किए गए थे।
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केस दो
सीलिंग की जमीन बेचकर कमलेश बन गया कॉलेज, शोरूम का मालिक
एम्स पुलिस ने हाल के दिनों में सीलिंग की जमीन को बेचकर करोड़ों कमाने वाले कुसम्ही के कमलेश यादव और दीनानाथ पासवान को जेल भिजवाया। अब तक इन पर 16 केस कुछ दिनों में ही दर्ज किए जा चुके हैं। ये दोनाें अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सीलिंग की जमीन को बेचते थे। जमीन के खारिज दाखिल के समय मामला सामने आया था। कमलेश जमीन के इस अवैध धंधे से आईटीआई कॉलेज का मालिक बन गया तो दीनानाथ शोरूम का। दोनों ने कई लोगों को चूना लगाया है।
केस तीन
एक करोड़ से अधिक की जालसाजी की थी सत्यवान ने
13 मार्च 2023 को पिपराइच पुलिस ने जमीन के नाम पर एक करोड़ रुपये की जालसाजी करने के आरोपी सत्यवान यादव को जेल भिजवाया था। आरोप है कि विवादित जमीन को दिखाकर वह फर्जी रजिस्ट्री कराकर रुपये ऐंठ लेता था। सत्यवान यादव शाहपुर के मोहनापुर का मूल निवासी है। तब चार अलग-अलग लोगों ने जमीन के नाम पर जालसाजी करने की जानकारी दी थी। जांच में पता चला था कि यह दूसरे की जमीन को दिखाता था या फिर विवादित जमीन का कागज दिखाकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री भी करा देता था। रुपये अपने खाते में लेता था, इस वजह से लोगों को विश्वास हो जाता है। फिर रुपये हड़प लेता था।
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केस चार
शैलेंद्र ने दूसरे की जमीन दिखाकर 1.92 करोड़ की जालसाजी की थी
28 फरवरी 2023: खोराबार पुलिस ने जमीन खरीदने और बेचने के नाम पर 1.92 करोड़ रुपये की जालसाजी करने के आरोप में शैलेंद्र पासवान को जेल भेजा था। पुलिस की जांच में आया था कि वह दूसरे की जमीन को दिखाकर रुपये वसूल लेता था और फिर जमीन नहीं दिलाता था। कई लोगों को उसने रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।