पहले फेज में गोड़धोइया नाले के आसपास 38 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया जाएगा। नाले में पानी शोधित करके गिराया जाएगा, तभी इसे रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित किया जा सकेगा।
इन 17 वार्डों को जोड़ा जाएगा
दूसरे फेज में जिस 38 एमएलडी एसटीपी को बनाया जाएगा, उससे 17 वार्डों को जोड़ा जाएगा। जंगल तुलसीराम वेस्ट, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालीग्राम, जंगल तुलसीराम ईस्ट रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर, लोहियानगर जंगल नकहा, रामजानकी नगर, शक्तिनगर एवं चक्सा हुसैन के करीब 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को एसटीपी से जोड़ा जाएगा।
प्रोजेक्ट मैनेजर रतनसेन सिंह ने बताया कि दूसरे फेज का काम लगभग 750 करोड़ रुपये का है। इसकी डीपीआर बन रही है। चूंकि शासन की योजना के अनुसार कई काम होने हैं, ऐसे में अभी कुछ जेई और एई लखनऊ मुख्यालय जाकर कागजी प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसके बाद डीपीआर को अंतिम रूप देकर जल्द शासन को भेज दिया जाएगा।