सीवर लाइन के सर्वे का कार्य शुरू हो गया है।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर वार्ड, सूरजकुंड और गोरखनाथ मंदिर के पीछे वाले इलाके की करीब एक लाख की आबादी को एक साल बाद सीवर लाइन की सुविधा मिल जाएगी। अहमदाबाद की कंपनी मेसर्स पीसी स्नेहल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड इस इलाके में करीब 57 किलोमीटर लाइन बिछाएगी। इससे 15 हजार घरों को जोड़ा जाएगा। कंपनी ने सर्वे शुरू कर दिया है। एक साल में सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम क्षेत्र के नालों का पानी रामगढ़ताल के अलावा राप्ती और रोहिन नदी में गिरता है। रामगढ़ताल में गिरने वाले नालों के पानी के ट्रीटमेंट के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तो लगा है, लेकिन गंदा पानी अब भी राप्ती और रोहिन नदी में गिरता है। गंदे पानी को साफ करने के लिए अमृत योजना के तहत गोरखपुर सीवरेज योजना के तहत इन इलाकों में करीब 224 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन बनाने की योजना तैयार की गई है।
कार्यदायी संस्था जल निगम ने मेसर्स पीसी स्नेहल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया है। कंपनी ने इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत न सिर्फ सीवर लाइन बिछाई जाएगी, बल्कि राप्ती और रोहिन नदी में गिरने वाले नालों के पानी का ट्रीटमेंट भी किया जाएगा।
जल निगम अधिशासी अभियंता रतनसेन सिंह ने कहा कि अहमदाबाद की कंपनी मेसर्स पीसी स्नेहल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर, सूरजकुंड और गोरखनाथ इलाके में अमृत योजना के तहत सब जोन सी-2 पार्ट फर्स्ट के लिए सर्वे शुरू किया है। एक साल में सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा।
योजना के तहत ये कार्य होंगे
- 10 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
- 40 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन
- 40 एमएलडी क्षमता का टोटल इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट
- 57.08 किलोमीटर सीवर नेटवर्क
- 15 हजार घरों का सीवर लाइन कनेक्शन