सातवी आर्थिक गणना के जन जागरूकता के लिए कलेक्ट्रेट से रैली निकालते लोग
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एडीएम (फाइनेंस) राजेश सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय के बाहर प्रगणकों के समूह को हरी झंडी दिखाकर जिले में सातवीं आर्थिक गणना 2019 का शुभारंभ किया। तीन महीने तक चलने वाली इस आर्थिक गणना के दौरान प्रगणक हर घर पर दस्तक देकर परिवार के मुखिया, सभी सदस्य और उनके जीविकोपार्जन के माध्यम के बारे में सूचनाएं जुटाएंगे। किसी से भी उनकी आय के बारे में नहीं पूछा जाएगा। सिर्फ नौकरी या व्यवसाय से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। सभी का डाटा भारत सरकारी द्वारा गोपनीय रखा जाएगा और इन आंकड़ों की मदद से केंद्र और राज्य सरकार जनोपयोगी नीतियां बनाएंगी।
आर्थिक गणना की जिम्मेदारी सभी कॉमन सर्विस सेंटरों को दी गई है। 2639 प्रगणक तैनात किए गए हैं और उनकी निगरानी के लिए 556 पर्यवेक्षक। इसके अलावा इस पूरी गणना और उसकी प्रगति पर पर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व आर्थिक गणना के सदस्य सचिव चंद्रशेखर प्रसाद नजर रखेंगे। गणना मोबाइल एप के माध्यम से होगी। आर्थिक गणना के शुभारंभ के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर विकास कुमार एवं अंशुल यादव तथा जिला समन्वयक विनीत श्रीवास्तव समेत कई प्रगणक व सुपरवाइजर मौजूद रहे।