परिवार के किसी सदस्य को अचल संपत्ति दान करने पर स्टांप शुल्क में बड़ी छूट संबंधी योजना की मियाद पूरी होती देख अब इसका लाभ लेने वालों की संख्या और बढ़ गई है। रोजाना होने वाले बैनामों में 35 से 40 फीसदी बैनामे दान विलेख से संबंधित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने छह महीने के लिए यह योजना शुरू की थी जो मध्य दिसंबर में पूरी हो रही है। इसके बाद सरकार इन छह महीने के भीतर योजना के लाभ व नुकसान की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि योजना आगे भी लागू रहेगी या समाप्त हो जाएगी।
20 जून 2022 को योजना की शुरुआत हुई थी और तब से अभी तक खून के रिश्ते में बैनामा कराने वालों को 30 करोड़ से अधिक का लाभ हुआ है। शुरुआती एक महीने के भीतर ही सरकार की इस योजना से जिले के लोगों को सात करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। आने वाले दिनों में इस संख्या में और इजाफा की संभावना है।
परिवार में किसी सदस्य को अचल संपत्ति दान करने पर सिर्फ पांच हजार रुपये तक का ही स्टांप लगने के फैसले के बाद 20 जून से ही जिले के सभी निबंधन कार्यालयों में दान विलेखों की संख्या बढ़ गई है। योजना शुरू होने के पहले पूरे महीने में जहां 10-20 ही ऐसे बैनामे होते थे वहीं अब इनकी संख्या 500 के पार पहुंच गई है। इस तरह के बैनामे सर्वाधिक सदर तहसील के दोनों उप निबंधन कार्यालयों में हो रहे हैं।
सदर तहसील के उप निबंधक द्वितीय प्रसेनजीत सिंह का कहना है कि दान विलेखों की संख्या तेजी से बढ़ी है। रोजाना 40 फीसदी बैनामे हो रहे हैं। दिसंबर में योजना पूरी हो जाएगी। आखिरी महीने में ऐसे बैनामों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की इस योजना से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला है।
इन्हें अचल संपत्ति दान करने पर है स्टांप में छूट
पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु (पुत्र की पत्नी), दामाद (पुत्री का पति), सगा भाई, सगी बहन, पुत्र/पुत्री के पुत्र-पुत्री।