उत्तराखंड त्रासदी में लापता मोनी के पिता हरिश्चंद्र ठठेरा न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं। 2013 से अब तक वह मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रमुख सचिव, कमिश्नर और जिलाधिकारी के पास सैकड़ों बार जा चुके हैं, फिर भी नतीजा नहीं निकला। बेटा लापता होने के पांच साल बाद पुलिस का दिल जरूर पसीजा और मोनी की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज हुई है।
गोरखनाथ थाने में दर्ज गुमशुदगी के मुताबिक हुमायूंपुर उत्तरी जागेश्वर पासी चौराहा निवासी हरिश्चंद्र ठठेरा का बेटा मोनी (25) जून 2013 में केदारनाथ धाम गया था। इसी दौरान जल प्रलय आया और सब कुछ तहस नहस हो गया। भयंकर त्रासदी के बाद से मोनी लापता है। तभी से पिता हरिश्चंद्र ठठेरा तीन बार उत्तराखंड जाकर लौट आए, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। हरिश्चंद्र का दावा है कि उत्तराखंड त्रासदी में बेटे की मौत हो चुकी है। सरकार यह मान रही कि वह लापता हुआ था, लेकिन मौत स्वीकार करने का तैयार नहीं।