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एसडीआरएफ ने बाढ़ में फंसे 220 लोगों को बचाया

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एसडीआरएफ ने बाढ़ में फंसे 220 लोगों को बचाया
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तीस लोग अब भी फंसे, शाम को टीम ने शुरू किया था रेस्क्यू
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही(कुशीनगर)। गंडक के दियारा क्षेत्र में बाढ़ में फंसे 250 लोगों में से 220 को एसडीआरएफ की टीम सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे निकाल कर ले आई। अभी भी 30 लोग फंसे हैं। इन्हें मंगलवार को लाया जाएगा। रेस्क्यू के लिए टीम शाम करीब करीब चार बजे रवाना हुई थी। यह जानकारी एसओ बरवांपट्टी नंदा प्रसाद ने दी। इस संबंध में ‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में इसकी खबर भी प्रकाशित की थी।
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गंडक के दूसरी तरफ बसे अमवा ग्राम पंचायत के टोला गोखुला, रक्ततहिया, भगवानपुर, चिचिड़ा, सौरहा आदि वर्ष 1984 की बाढ़ में कट गए थे। इन गांवों के लोग बैकुंठपुर, दुदही, दशहवा आदि गांवों में बस गए, लेकिन खेती अभी भी नदी के बीच में है। ये लोग नाव से नदी पार करके खेतों में जाते हैं। कुछ ने अस्थाई निवास के लिए झोपड़ी भी बना रखी है। शुक्त्रस्वार और शनिवार को 200 से अधिक लोग खेती करने उस पार गए थे। नदी की जलस्तर बढ़ने पर ये लोग वहीं फंस गए। ये लोग मचान और झोपड़ी के ऊपर चढ़कर शरण लिए हुए हैं। ‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में इसकी खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए सोमवार को एसडीआरएफ की 14 सदस्यीय टीम एसआई मुहम्मद निसार अहमद की अगुवाई में शाम चार बजे बरवापट्टी घाट पर पहुंची। यहां से बरवापट्टी एसओ ने एसडीआरएफ टीम को बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन बताई। इसके बाद बरवापट्टी पुलिस व एसडीआरएफ की संयुक्त टीम बड़ी नाव दो मोटर बोट के साथ फंसे लोगों के लेने पहुंची। वहां फंसे गौतम कुमार ने बताया कि उसके पिता जंगली, चंदकली देवी, संदीप, अंजू, दीना, झोटिल, रामजीत, सुरेश, रामदेव, गांधी, फेंकू, अमीन, अलाऊदीन, समेत 200 से अधिक लोग फंसे हैं। कई लोग ट्रैक्टर व गाय-भैंस भी साथ लेकर गए थे। इन लोगों के अनुसार इस बीहड़ इलाके में बिहार के भी लोग फंसे हैं लेकिन वहां तक अभी बिहार प्रशासन नहीं पहुंच पाया है।
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