ताजा मामला भले 11 किलो चांदी चोरी का है, लेकिन यह पहला और आखिरी है, यह नहीं कह सकते। इसके पहले भी सराफा व्यापारी अपने ही कर्मचारी से ठगे जा चुके हैं। सोने की चमक की आड़ में यह धंधा किस तरह फैल चुका है कि इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि जुलाई 2023 में एक व्यापारी का डेढ़ किलो सोना गायब हो गया, लेकिन उसने पुलिस में शिकायत तक नहीं की।
उसे पता था कि अगर मामला पुलिस में जाएगा तो उसकी अवैध कमाई पर भी पुलिस की नजर पड़ जाएगी और भविष्य में करोड़ों के धंधे की दुकान बंद हो जाएगी। ऐसे एक नहीं कई मामले हैं, जिसमें व्यापारी अपने अवैध धंधे की वजह से सामने नहीं आते और इसी का फायदा उनके विश्वसनीय कर्मचारी उठा लेते हैं।
केस एक
जुलाई 2023 में सराफा बाजार से 200 किलो चांदी और डेढ़ किलो सोना गायब होने का मामला सामने आया था, लेकिन व्यापारी ने थाने में तहरीर नहीं दी। इसके पहले भी वहां से एक व्यापारी का एक किलो सोना गायब हुआ था। तब सामने आया था कि व्यापारी 20 फीसदी काम ही लिखापढ़ी में करता है और 80 फीसदी फर्जी है, इस वजह से उसने कोई केस ही नहीं दर्ज कराया।
केस दो
फरवरी 2023 में भी घंटाघर सराफा बाजार के एक व्यापारी का दो किलो अवैध सोना गायब हो गया था। दुकानदार की तरफ से दो कर्मचारी और एक रिश्तेदार पर केस दर्ज करवा दिया गया, लेकिन पुलिस ने जांच शुरू की तो उसके कई अपने ही फंसने लगे। इसके बाद सोना भूलकर एक रिश्तेदार के दबाव में व्यापारी ने मामले को दबाना ही उचित समझा, क्योंकि उसे डर था कि कार्रवाई के लिए कदम बढ़ाएंगे तो आरोपी रिश्तेदार उसके लिए आफत न बन सकता है।
केस तीन
अगस्त 2023 में भी एक सोनार का सोना लेकर कर्मचारी गायब हो गया था। पुलिस में न जाकर व्यापारी ने कर्मचारी के घरवालों पर दबाव बनाया और सोना वापस करने को लेकर धमकी तक दे डाली थी। इसके बाद कर्मचारी के घरवाले थाने पर पहुंच गए थे। उन्होंने बेटे के लापता होने का आरोप लगाते हुए व्यापारी को कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद पुलिस बीच में आई तो व्यापारी ने मामले को रफा-दफा कर दिया।