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आरटीओ का नया फरमान-स्कूली वाहनों को चलाने के लिए पांच साल का अनुभव जरूरी

Fri, 24 Jan 2020 11:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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स्कूल बसों से हो रही दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने को आरटीओ ने इन बसों को चलाने वाले चालकों के लिए अब पांच साल का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। नियम का पालन नहीं करने वाले बस चालकों के लाइसेंस के निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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वाहनों का एक्सीडेंट ज्यादातर मामलों में चालक की लापरवाही से ही होता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए आरटीओ ने स्कूली वाहनों को चलाने वाले चालकों के लिए पांच साल के अनुभव को अनिवार्य कर दिया है जिससे मार्ग दुर्घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

आरटीओ प्रवर्तन डीडी मिश्रा ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि चालकों की लापरवाही के कारण ही दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में विभाग अब विशेष जांच अभियान चलाएगा जिसमें स्कूली चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की जाएगी। जांच में जिन चालकों के लाइसेंस को जारी हुए पांच साल से कम हुए हैं उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।
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वाहन पर भी अंकित होगी लाइसेंस की जानकारी

स्कूली वाहन स्वामियों को ड्राइवर की बगल वाली खिड़की पर चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी अंकित करानी होगी। जिसमें लाइसेंस संख्या के साथ ही डीएल जारी होने की तिथि अंकित होगी। ऐसा नहीं होने पर वाहन का पंजीयन निरस्त किया जाएगा।

आरटीओ प्रवर्तन डीडी मिश्रा ने बताया कि स्कूल बसों से हो रही मार्ग दुर्घटनाओं को देखते हुए अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की जांच की जाएगी। जांच में अगर पांच साल से कम अनुभव वाला चालक मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विद्यालयों को भी निर्देश जारी कर दिया गया है।
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