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लॉकडाउन अवधि का वेतन नहीं दे रहा स्कूल प्रबंधन

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लॉकडाउन अवधि का वेतन नहीं दे रहा स्कूल प्रबंधन
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गोरखपुर। शहर के राप्तीनगर फेज चार में रहने वाली शिक्षिका अंकिता त्रिपाठी ने स्कूल प्रबंधन की मनमानी की शिकायत सीएम को ईमेल भेजकर की है। मेल में उन्होंने कहा है कि कोरोना संकटकाल में मार्च से ही स्कूल बंद चल रहे हैं। प्राइवेट स्कूल में शिक्षकों की ओर से ऑनलाइन क्लास कराई जा रही है। मगर इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन शिक्षकों को वेतन नहीं दे रहे हैं। तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने से वहां के शिक्षकों को रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी सोचना पड़ रहा है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि लॉकडाउन के दौरान किसी कर्मचारी को न तो नौकरी से निकाला जाएगा और न ही उसके वेतन से कटौती होगी, फिर भी गोरखपुर के कई स्कूलों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वे एक निजी विद्यालय में अध्यापन का कार्य करती हैं। उनके माता-पिता और एक छोटी बहन का जीवन पूरी तौर पर उनके वेतन पर निर्भर है। पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। अध्यापक होकर मांगना अनुचित प्रतीत हो रहा और शायद इसी कारण से अभी तक किसी अध्यापक ने कोई मांग भी नहीं की है। लेकिन अब स्थिति भूखे रहने तक की आ गई है। बात केवल स्वयं की होती तो शायद मेरे जैसे कई अध्यापक यह भी सह लेते परंतु परिवार के लिए तो विचार करना ही पड़ेगा। उन्होंने अपने साथ-साथ सभी शिक्षकों के पक्ष में न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से वेतन मुहैया कराया जाए। अगर कोई स्कूल ऐसा नहीं कर रहे हों तो मेरे यहां शिकायत की जा सकती है, उचित कार्रवाई होगी। साथ ही सक्षम अभिभावकों से अपील है कि वे स्कूल फीस जमा कराने को आगे आएं ताकि ऐसी समस्या को रोका जा सके।
- ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक
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