गोरखपुर में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से बहरामपुर के घरों में घुसा पानी
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नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश का असर वहां से निकलने वाली नदियों के जलस्तर पर देखा जा रहा है। नेपाल से निकलकर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बहने वाली प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 27 सेमी ऊपर हो गया है।
इसके चलते उसके तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। दूसरी तरफ जिले में बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सुबह तक नदी लाल निशान को पार कर सकती है। उसके तटवर्ती क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए हैं।
बाढ़ का पानी
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सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को जलस्तर 24 घंटे में सेमी बढ़ गया। इसके चलते इसके तटवर्ती क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। यदि जलस्तर इसी तरह से बढ़ता रहा तो स्थिति विकट होती जाएगी। दूसरी तरफ राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसके बढ़ने की रफ्तार धीमी है। वह खतरे के निशान से मात्र आठ सेमी नीचे बह रही है।
डोमिनगढ़ के पास राप्ती नदी में मिलने वाली रोहिन नदी का जलस्तर अब नीच आने लगा है। वह खतरे के निशान से 1.63 नीचे हो गई है। वहीं, राप्ती की सहयोगी नदी गोर्रा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वह खतरे के निशान से 60 सेमी नीचे है।
राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर को देखते डीएम कृष्णा करुणेश व अन्य अधिकारी
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कुआनो नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.33 सेमी नीचे है। सिंचाई विभाग के अभियंता से लेकर अन्य कर्मचारी बांधों की निगरानी लगातार कर रहे हैं।
बुधवार ये था नदियों का जलस्तर
घाघरा अयोध्या 93.00 खतरे का निशान 92.73
राप्ती बर्डघाट 74.90 खतरे का निशान 74.98
रोहिन तिनमुहानी 80.81 खतरे का निशान 82.44
गोर्रा पिडरा 69.90 खतरे का निशान 70.50
कुआनो मुखलिसपुर 77.32 खतरे का निशान 78.65