सफला एकादशी बृहस्पतिवार को मनाई जा रही है। श्रद्धालु व्रत रख विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान विष्णु को प्रसन्न करेंगे। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु एवं भगवान कृष्ण का पूजन करने से श्रद्धालुओं को सभी कार्यों में सफलता एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पंडित अरविंद गिरि के अनुसार, सफला एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और हजारों वर्षों की तपस्या के बराबर पुण्य फल मिलता है। सफला एकादशी को कल्याण और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है और इस दिन सच्चे मन से पूजा पाठ करने पर बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, इस दिन सुबह उठने के बाद स्नान करके व्रत करने का संकल्प लें। फिर अपने पूजन घर में गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते, अगरबत्ती, सुपारी, फल और नारियल आदि अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।