1.21 फीसदी मतदाताओं ने दबाया था नोटा
इस क्षेत्र के 2,143 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) का बटन दबाया था, जो कुल मतदान का 1.21 फीसदी था। आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। तीन राजनीतिक दलों को छोड़ दें तो ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी निषाद पार्टी को 4.47 फीसदी वोट मिले थे।
भाजपा को मिली थी बड़ी जीत
विधानसभा क्षेत्र में 3,70,785 मतदाता थे, लेकिन 1,78,818 ने ही वोट डाले। सुरक्षित सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. विमलेश पासवान को 22,873 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। डॉ. विमलेश बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान के सगे भाई हैं। कमलेश बांसगांव संसदीय क्षेत्र से तीसरी बार लोकसभा का चुनाव जीते हैं।
2012 विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 45.84 फीसदी
बसपा 53,690 35.64
सपा 45,344 30.1
भाजपा 24,623 16.35
कांग्रेस 12,188 8.09
ज्यादातर की जमानत हो गई थी जब्त
इस क्षेत्र में 3,28,600 मतदाता थे। साल 2012 में इनमें से 1,50,626 मतदाताओं ने वोट डाले थे। कुल 16 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। बसपा प्रत्याशी डॉ. विजय कुमार को 8,346 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। बसपा, सपा व भाजपा के प्रत्याशियों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर की जमानत जब्त हो गई थी।
अब तक चुने गए विधायक
वर्ष विजयी प्रत्याशी पार्टी
2017 डॉ. विमलेश पासवान भाजपा
2012 डॉ. विजय कुमार बसपा
2007 शीतल प्रसाद बसपा
1996 संत भाजपा
1993 मोलाई बसपा
1991 यदुनाथ भाजपा
1989 मिठाई लाल शास्त्री भाजपा
1985 कैलाश प्रसाद कांग्रेस
1980 कैलाश प्रसाद कांग्रेस (आई)
1977 बाबू लाल जेएनपी
327 बांसगांव विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) एक नजर में...
2022 के चुनाव में कुल मतदाता 3,77,106
पुरुष- 2,06,882
महिला-1,70,209
थर्ड जेंडर-15
नेताओं ने क्या कहा
मोदी-योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर तबके को मिला है। कोरोना संकट के बीच पिछले दो वर्षों से निशुल्क राशन मुहैया कराया जा रहा है। बिजली, पानी, सड़क, आवास व शौचालय की व्यवस्था अच्छी है। जनता जनार्दन का आशीर्वाद फिर मिलेगा, ऐसा भरोसा है। बूथ, सेक्टर व मंडल स्तरीय संगठन एक-एक मतदाता से संपर्क कर रहा है। हर किसी से समर्थन मांगा जा रहा है।
- डॉ बच्चा पांडेय नवीन, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी भाजपा
बांसगांव में बसपा का मजबूत संगठन है। कैडर वोटर भी हैं। इस बार कोई चुनौती सामने नहीं है। भाजपा सरकार की नीतियों से जनता त्रस्त है। बसपा का शासनकाल सबने देखा है। जनता के सामने एक ही विकल्प बचा है। समाजवादी पार्टी की हवा खराब है। जनता गुंडागर्दी को बढ़ावा देने वाली सरकार दोबारा नहीं चाहती है। कांग्रेस को संघर्ष ही करना पड़ेगा।
- प्रदीप निषाद, पूर्व सेक्टर प्रभारी, बसपा
सुरक्षित सीट पर कांग्रेस की तैयारी अच्छी है। हर ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत में संगठन काम कर रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का संदेश हर मतदाता तक पहुंचाया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। कांग्रेस दमदारी से चुनाव लड़ रही है। जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान किया जाएगा।
- निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
इस बार सपा की हवा है। जनता बदलाव चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नीतियों को जनता पसंद कर रही है। बांसगांव में भी साइकिल दौड़े, इसकी तैयारी चल रही है। हर मतदाता से संपर्क किया जा रहा है। पार्टी संगठन मजबूती से काम कर रहा है। भाजपा सरकार की नीतियों से जनता परेशान है। महंगाई व बेरोजगारी प्रमुख मुद्दा है।
- अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा