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सहजनवां विधानसभा: यहां जनता ने हर राजनीतिक दल को दिया मौका, बारी-बारी से सबको मिली जीत

Mon, 31 Jan 2022 03:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

बारी-बारी से भाजपा, बसपा, सपा व कांग्रेस प्रत्याशियों को जीत मिली, सबसे ज्यादा भाजपा को तीन बार प्रतिनिधित्व मिला है।
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यूपी चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहजनवां विधानसभा क्षेत्र की जनता ने बारी-बारी से हर राजनीतिक दल को मौका दिया है। अब तक हुए चुनावों में तीन बार भाजपा को जीत मिली है। दो बार बसपा का कब्जा रहा है। एक बार सपा तो एक बार कांग्रेस ने जीत का स्वाद चखा है। निर्दलीय भी इस सीट से जीतकर लखनऊ पहुंचे हैं।

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सहजनवां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने प्रदीप शुक्ला को चुनाव मैदान में उतारा है। सपा ने निर्दलीय चुनाव जीत चुके यशपाल रावत पर दोबारा भरोसा जताया है। यशपाल 2017 का विधानसभा चुनाव भी लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बसपा ने पिपरौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह को टिकट दिया है। कांग्रेस ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।

सब बेहतर चुनावी तैयारी के दावे कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक सहजनवां विधानसभा क्षेत्र से सपा को पिछले 28 वर्षों से जीत नहीं मिल सकी है। 1993 में सपा की प्रभा रावत ने चुनाव जीता था। भाजपा को भी 2017 में करीब 21 वर्षों बाद जीत नसीब हुई। इससे पहले 1996 में भाजपा के तारकेश्वर प्रसाद शुक्ला को जीत मिली थी। कांग्रेस को 37 वर्षों से जीत का इंतजार है।  
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2017 चुनाव  (कुल मतदान 58.79 फीसदी)

पार्टी    मिले मत    फीसदी
भाजपा    72,213    34.77
सपा-कांग्रेस (संयुक्त प्रत्याशी) 56,836    27.37
बसपा    54,143    26.07
निषाद पार्टी    15,780    7.6

भाजपा को मिली थी 15,377 वोटों के अंतर से जीत

2017 के चुनाव में क्षेत्र में 35,6,165 मतदाता थे। इनमें से 2,09,383 मतदाताओं ने वोट डाले थे। भाजपा प्रत्याशी शीतल पांडेय को 15,377 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। सपा-कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इसके बावजूद सपा प्रत्याशी यशपाल रावत कोई खास कमाल नहीं कर सके थे। बसपा तीसरे तो निषाद पार्टी चौथे स्थान पर थी। 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। 1,723 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) का इस्तेमाल किया था, जो कुल मतदान का 0.83 फीसदी था। भाजपा, सपा और बसपा को छोड़कर ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।  

2012 चुनाव (कुल मतदान 56.1 फीसदी)

पार्टी       मिले मत    फीसदी
बसपा      52,949    29.42
भाजपा     40,258    22.37
निर्दलीय   22,027    12.24
सपा         21,918    12.18
पीस पाटी   16,223    9.02
निर्दलीय    4,849    2.69
कांग्रेस      4,246    2.36


बसपा को 12,691 वोटों के अंतर से मिली थी जीत

2012 के चुनाव में क्षेत्र से 24 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इनमें से ज्यादातर की जमानत जब्त हो गई थी। कांग्रेस ने दमदारी से चुनाव लड़ने का दावा किया था, लेकिन खिसककर सातवें स्थान पर पहुंच गई थी। पार्टी को निर्दलीय प्रत्याशियों से भी कम वोट मिले थे। चुनाव में 3,20,761 मतदाताओं को वोट देना था। इनमें से 1,79,949 ने वोट डाला था। इस सीट से बसपा को 12,691 वोटों के अंतर से जीत मिली थी।

 
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अब तक चुने गए विधायक

2017: भाजपा से शीतल पांडेय
2012: बसपा से राजेंद्र
2007: निर्दलीय यशपाल रावत
2002: बसपा से देव नारायण उर्फ जीयम सिंह
1996: भाजपा से तारकेश्वर प्रसाद शुक्ला
1993: सपा से प्रभा रावत
1991: भाजपा से तारकेश्वर
1989: जनता दल से शारदा प्रसाद रावत
1985: कांग्रेस से त्रियुगी नारायण मिश्र
1980: आईएनसी (आई) से किशोरी लाल शुक्ला
1977: जेएनपी से शारदा प्रसाद रावत

एक नजर में सहजनवां विधानसभा

2022 में मतदाता
कुल मतदाता 3,74,204
पुरुष- 2,03,696
महिला-1,70,491
थर्ड जेंडर-17

नेताओं ने क्या कहा

भाजपा की चुनावी तैयारी पूरी है। चुनाव मैदान में दमदार प्रत्याशी उतारा गया है। बूथ, सेक्टर व मंडल स्तरीय संगठन सक्रियता से काम कर रहा है। केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ जनता के बीच जा रहे हैं। सकारात्मक माहौल बना है। 2017 से अच्छा जनादेश आएगा। - युधिष्ठिर सिंह सैंथवार, जिलाध्यक्ष, भाजपा।

सपा ने दमदार प्रत्याशी उतारा है। हर बूथ पर संगठन काम कर रहा है। भाजपा सरकार से जनता परेशान है। विकल्प के तौर पर सपा को देख रही है। कांग्रेस व बसपा का कोई खास प्रदर्शन नहीं रहेगा। पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के वादों पर जनता को यकीन है। - अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा।

2012 में बसपा को जीत मिली थी। यही प्रदर्शन इस बार दोहराना है। पार्टी ने प्रत्याशी के नाम का एलान कर दिया है। चुनावी तैयारी अच्छी है। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के नारे के साथ जनता के बीच जा रहे हैं। अच्छे नतीजे की उम्मीद है। - संतोष कुमार जिज्ञासु, जिलाध्यक्ष, बसपा।

कांग्रेस प्रत्याशी के नाम का एलान जल्द होगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक-एक सीट का समीकरण समझ रही हैं। ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत स्तर तक संगठन काम कर रहा है। इस बार चौंकाने वाले नतीजे आएंगे। कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी। - निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।

 
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