बांसगांव लोकसभा चुनाव की मतगणना के प्रथम चक्र से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखी गई। पोस्टल बैलेट में करीब 500 की लीड और प्रथम चक्र में लीड के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ गया था।
दोपहर बाद तीन बजे मामूली वोट से पीछे होने की जानकारी होने पर सदल प्रसाद मतगणना स्थल पर पहुंचे और एजेंटों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया। चुनाव का अंतिम परिणाम जानने के बाद वह फफक पड़े।
32वें व 33वें चक्र की घोषणा में मतों में हेरफेर का आरोप लगाने पर उनकी आपत्ति पर दोबारा मतों के आंकड़ों को दुरुस्त कराया गया, लेकिन वह भी काम नहीं आया। आरओ द्वारा अंतिम चुनाव परिणाम घोषित करते हुए भाजपा प्रत्याशी कमलेश पासवान को 4540 मतों से विजयी घोषित कर दिया गया।
जीत की घोषणा होने पर सदल प्रसाद आरओ के पास पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कर फफक पड़े। इसके बाद जहां भाजपा कार्यकर्ता जय श्रीराम का नारा लगाने लगे, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने विरोध व्यक्त करते हुए वह मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पुनर्मतगणना की मांग की है। इसके बाद कांग्रेसी जिलाधिकारी आवास के सामने पहुंचे कर सड़क जाम कर दिए। हालांकि पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उनको वहां से हटा दिया।
बांसगांव लोकसभा सीट की मतगणना सुबह करीब 8:30 बजे शुरू हुई। पहले राउंड से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखी गई। शुरुआती तीन चरण में कांग्रेस प्रत्याशी सदल प्रसाद आगे रहे। इसके बाद कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस मामूली वोट से आगे-पीछे होती रही।
इसे लेकर मतगणना में लगे दोनों दलों के एजेंट काफी सतर्क रहें। पहले तो कांग्रेसियों ने धीमी गति से मतगणना करने का आरोप लगाया। शुरू से ही बांसगांव लोकसभा क्षेत्र की चक्रवार घोषणा नहीं करने पर उन्होंने आक्रोश जताया। शाम पांच बजे 32वें चक्र की घोषणा करते हुए भाजपा को 424027 वोट और कांग्रेस को 418814 वोट मिलने की घोषणा की गई।
इसके बाद 33वें चरण में भाजपा को 422090 वोट और कांग्रेस को 417685 वोट मिलने की घोषणा की गई। इसके बाद कांग्रेसियों ने मतों में हेरफेर का आरोप लगाकर आपत्ति दर्ज कराई। इस पर भाजपा कार्यकर्ता मतगणना स्थल पर नारेबाजी करने लगे।