गोरखनाथ इलाके के सचिन ने वारदात के बाद छिपाया था पिस्टल और चाकू
असलहा सप्लायर मनीष यादव को हरियाणा एसटीएफ पहले भी भिजवा चुकी है जेल
गोरखपुर। चिलुआताल क्षेत्र के बरगदवा निवासी प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने असलहा सप्लाई करने वाले मनीष यादव और वारदात के बाद असलहा छिपाने वाले उसके साथी सचिन को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिलुआताल इलाके के बरगदवा निवासी मनीष यादव और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी सचिन यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मनीष पूर्व में हरियाणा एसटीएफ की ओर से अवैध असलहा तस्करी के मामले में भी पकड़ा गया था। सचिन पर यह पहला आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में अब तक एक बाल अपचारी समेत 10 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। अन्य की भूमिका की जांच चल रही है।
17 मार्च की सुबह 6:15 बजे राजकुमार चौहान पर गोली और चाकू से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में राजकुमार की पत्नी सुशीला की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही रहने वाले दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
जांच के दौरान घटनास्थल के निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव का नाम सामने आया, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवाया जा चुका है। इसके बाद साजिश और साक्ष्य छिपाने के आरोप में दीपक गौड़, लालजी यादव, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव और एक बाल अपचारी को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। इसी क्रम में 26 मार्च को मनीष यादव और सचिन यादव को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, घटना में प्रयुक्त पिस्टल मनीष यादव ने कुछ महीने पहले राज चौहान उर्फ निरहू को दी थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद पिस्टल और चाकू छिपाने के लिए सचिन यादव को सौंप दिए गए थे। पुलिस ने सचिन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल और चाकू बरामद कर लिया है।
बरामदगी में मनीष के पास से एक पिस्टल (.32 बोर), दो मैगजीन, दो कारतूस और एक मोबाइल फोन मिला है। उसके खिलाफ कुल तीन मामले दर्ज हैं। वहीं सचिन के पास से एक अवैध पिस्टल, मैगजीन, दो कारतूस, घटना में प्रयुक्त चाकू और एक मोबाइल बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, राज चौहान उर्फ निरहू, विपिन यादव और सचिन यादव पहले एक ही डंपर पर काम करते थे, जहां से इनके बीच आपसी परिचय और संबंध बने थे। मामले में आगे की जांच जारी है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ के बाद गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।