दोनों भाइयों की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल व मोर्चरी हाउस पर जुट गए। करीब सौ की संख्या में महिला-पुरुषों ने देर रात तक हंगामा किया। मौके पर सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, थाना प्रभारी गुलरिहा इत्यानंद पांडेय और रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे और परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे।
परिजनों ने आरोपित अस्पताल पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग को लेकर पहले मोर्चरी हाउस पर प्रदर्शन किया और बाद में गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन को जाम कर दिया। पुलिस के समझाने पर जाम खुला लेकिन कुछ ही देर बाद दोबारा सड़क जाम कर दी गई।
इस दौरान पुलिस की ओर से वीडियो बनाने से रोकने पर परिजन आक्रोशित हो गए और करीब एक घंटे तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू नहीं होने दी। काफी मान-मनौव्वल के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। दो डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में वीडियोग्राफी कराते हुए शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने प्रशासन से मृतकों की पत्नियों और बच्चों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बच्चों की मुफ्त शिक्षा, आवास के लिए 50 डिसमिल जमीन, बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहयोग, परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस और आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह के आश्वासन के बाद ही परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।