विशिष्ट अतिथि कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि पिछले सात सालों में पंडित दीनदयाल के दर्शन को जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से काम हुए हैं। मंडल में 6.5 लाख शौचालय, 20 लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि, 2.5 लाख गरीबों को आवास देकर सरकार ने दीनदयाल के दर्शन के अनुसार समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने का काम कर रही है।
कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर हैं। हर साल अब दीनदयाल की स्मृति में स्पीकर ऑफ द लेक्चर का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों ने दीप जलाकर की। इसके बाद संगीत विभाग की छात्राओं ने राष्ट्रगीत और कुलगीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन और आभार ज्ञापन प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, आरएसएस के रमेश, इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय, आर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर, मीडिया प्रभारी महेंद्र कुमार सिंह, डॉ. रूचिका सिंह, दीपेंद्र मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।