यहां लगे आईटीएमएस
ट्रांसपोर्ट नगर, नौसड़, रुस्तमपुर, शास्त्री चौक, आंबेडकर चौराहा, कचहरी चौराहा, बेतियाहाता चौराहा, छात्रसंघ चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, अमर उजाला तिराहा, गोलघर चौराहा, काली मंदिर चौराहा, यातायात तिराहा, पैडलेगंज चौराहा।
निजी कंपनी की बता रहे जिम्मेदारी
बिजली निगम ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता के नाम पर कनेक्शन दिया है। इसके बावजूद नगर निगम बिल जमा करने से कतरा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि यातायात व्यवस्था का संचालन निजी कंपनी के पास है। लिहाजा, बिल का भुगतान भी निजी कंपनी करेगी। इसी फेर में बिल का भुगतान लटका है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि बिजली निगम पर नगर निगम की बड़ी बकाएदारी है। 9 करोड़ रुपये नहीं जमा कराए गए हैं। अगर जरूरी सेवाएं नहीं होतीं तो बिजली निगम का दफ्तर सील कर दिया जाता। आईटीएमएस का बिल वसूलने से पहले बिजली निगम के अफसरों को नगर निगम की देनदारी खत्म करनी चाहिए। नगर निगम प्रबंधन, नियमानुसार काम करता है।
अधीक्षण अभियंता शह यूसी वर्मा ने कहा कि नगर निगम को चाहिए जैसे, बिजली निगम संबंधी बिलों को केंद्रीय स्तर पर भुगतान करवाया जाता है, वैसे ही नगर निगम भी अपने गृहकर को लेकर केंद्रीय स्तर पर डिमांड भेजकर उसे जमा करवाने का प्रयास करे। नगर निगम की तरफ से गृहकर के संबंध में बकाए को लेकर पत्र लिखा गया था। गृहकर कब से है? किस किस भवन का कब भुगतान किया गया था? इसकी जानकारी नहीं है।