घटना स्थल की जांच करते पुलिस अधिकारी। (फाइल फोटो)
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गोरखपुर कैंट इलाके में फिल्मी अंदाज में फायरिंग कर प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र यादव को गोली मारने के मामले में मुख्य आरोपित शुभम सिंह सिंघाड़ा पुत्र संजय सिंह निवासी मोतीराम अड्डा और शुभम सिंह पुत्र भगवंत सिंह निवासी जयनगर बरहज देवरिया पर गोरखपुर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। शुभम सिंह सिंघाड़ा मुख्य आरोपी है, जो अभी तक फरार है। पुलिस शुभम सिंह सिंघाड़ा के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई भी कर सकती है।
इस मामले में दोनों गुटों के आठ आरोपियों को चिन्हित किया गया है। इनमें से ज्यादातर पुलिस की हिरासत में हैं। इन सभी पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। इसके अलावा इन मनबढ़ों की आर्थिक मदद करने वालों पर भी पुलिस शिकंजा कसेगी। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, कूड़ाघाट से लेकर मोहद्दीपुर तक तकरीबन चार किलोमीटर तक सरेआम फायरिंग के आरोपितों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने साफ कर दिया है कि दोनों गुटों पर कड़ी कार्रवाई से संदेश दिया जाएगा, ताकि दोबारा कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
पुलिस ने आरोपितों के आर्थिक मददगारों और शरणदाताओं की तलाश शुरू कर दी है। पता चला है कि कमलेश और सुनील पासवान आर्थिक रूप से दोनों गुट की मदद करते थे। घटना की पृष्ठभूमि भी तलाशी जा रही है।
तीन के आपराधिक रिकार्ड सामने आए
अभी तक सिर्फ शुभम सिंह सिंघाड़ा, जितेंद्र यादव और शुभम राव के ही आपराधिक रिकॉर्ड सामने आए हैं। इसके अलावा अन्य किसी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आ सका है। दोनों गुटों के सभी आरोपितों की धरपकड़ के बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा। एसएसपी का कहना है कि शुभम और उसके मददगार, शरणदाताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।