पूर्वोत्तर रेलवे के इस सबसे बड़े यार्ड का काम शुरू करने से पहले रेलवे अपनी अन्य सभी तैयारियां पूरी करने में लगा है, जिससे कि एक बार कार्य आरंभ हो तो बीच में किसी प्रकार की बाधा न आए। करीब 21.15 किलोमीटर लंबे इस दोहरीकरण व तीसरी लाइन के लिए अंतरिम बजट में 18.10 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। इससे अवशेष कार्यों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
कार्य पूरा होने पर नहीं बेवजह नहीं रुकेंगी ट्रेनें
तीसरी लाइन व दोहरीकरण का कार्य पूरा होने पर सबसे अधिक राहत एक्सप्रेस ट्रेनों को होगा। अभी नकहा जंगल रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को ट्रैक खाली नहीं मिलने पर रुकना पड़ता है, लेकिन दोहरीकरण का कार्य पूरा होने पर यात्रियों को राहत मिलेगी। इसी प्रकार थर्ड लाइन पूरा होने से गोरखपुर से आने-जाने वाली अन्य ट्रेनों को भी बिना किसी रुकावट के चलाया जा सकेगा।