विशुनदेव अभी बलिया जेल में निरुद्ध है। मामले में छोटक, वीरेंद्र व टेंगर फरार थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। एसपी साउथ ने बताया कि बृहस्पतिवार रात गगहा थानेदार राजप्रकाश सिंह हमराहियों के साथ जगदीशपुर भलुआन में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी सूचना मिली कि डकैती के तीन आरोपी बाइक से कौड़ीराम की तरफ किसी अन्य घटना को अंजाम देने के लिए आ रहे हैं।
चंवरिया बुजुर्ग गांव के पास पुलिस ने एक बाइक से आ रहे तीन बदमाशों को रुकने का इशारा किया। बदमाश गाड़ी लेकर भागने लगे। इस दौरान बाइक लड़खड़ा गई और पीछे बैठा बदमाश नीचे गिर गया। इस दौरान बाइक पर बैठे दोनों बदमाश पुलिस पर फायरिंग करने लगे और फरार हो गए। जबकि पुलिस ने नीचे गिरे बदमाश को पकड़ लिया। उसकी पहचान छोटक के रूप में हुई।
एसपी साउथ ने बताया कि छोटक ने ही सरगना विशुनदेव के साथ रेकी की थी। वह वर्तमान में बलिया के केसरुआ गांव में रहता है। पकड़े गए छोटक व फरार हुए वीरेंद्र तथा टेंगर के खिलाफ गगहा थाने में ईंट भट्ठे पर डकैती डालने, छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज है। पुलिस ने गिरफ्तार छोटक व फरार दोनों आरोपितों के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने व आर्म्स एक्ट की धारा में केस दर्ज किया है। छोटक को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।