गोविवि के छात्रावास व टीचर कॉलोनी की जर्जर सड़क।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के टीचर कॉलोनियों एवं छात्रावास के आसपास की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इन्हें देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह सड़क गड्ढे में है या गड्ढे में सड़क है।इस रास्ते गुजरने वाले राहगीर और छात्र आए दिन चोटिल होते हैं।
गोविवि के गौतम बुद्धा, संतकबीर और स्वामी विवेकानंद छात्रावास के आसपास एवं हीरापुरी टीचर कॉलोनी, कचहरी बस स्टैंड के समीप स्थित प्रोफेसर कॉलोनी एवं विवि के सामने टीचर कॉलोनी की सड़कों पर गाड़ी से चलना तो दूर पैदल भी बिना संभले नहीं चला जा सकता। विवि से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि करीब 10 साल पहले यह सड़क बनी थी। इसके बाद इसकी मरम्मत तो दूर पैचिंग तक नहीं हो सकी।
इसे भी पढ़ें: होमगार्ड फोटो खींचे तो मुस्कराइए नहीं, समझ लीजिए कट गया आपका चालान
क्या कहते हैं छात्र
छात्रावास के सामने की सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस सड़क पर बाइक लेकर चलने से अच्छा बगल में फुटपाथ पर चलना आसान है।
- हर्ष तिवारी, छात्रावासी।
छात्रावास के साथ सभी टीचर कॉलोनियों की सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। इस सड़क पर आए दिन लोग गिरकर घायल होते रहते हैं।
- सौरभ, छात्र।
जर्जर सड़कों पर बाइक लेकर चलना तो दूर अगर पैदल भी संभल कर नहीं चले तो चोटिल हो सकते हैं। इसे लेकर कई बार शिकायत किया जा चुकी है।
- विवेक कुमार, छात्रावासी।
खस्ताहाल सड़क की मरम्मत कराने को लेकर विवि प्रशासन से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अबतक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया।
- अमन, छात्रावासी।