- सड़क की डिजाइन पर गीडा और एनएचएआई में नहीं बनी सहमति
गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से कालेसर जीरो पॉइंट तक अब अलग सड़क बनेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अपने खर्च से इस सड़क का निर्माण कराएगा। मंगलवार को गीडा में एनएचएआई और गीडा के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई लेकिन सड़क की डिजाइन को लेकर दोनों विभागों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। अब एनएचएआई इसमें कुछ सुधार करेगा।
बैठक में गीडा के सेक्टर 13, 15, 17 समेत अन्य क्षेत्रों को बिना राजमार्ग पार किए जोड़ने वाली नई सड़क के निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्तावित सड़क करीब सात मीटर चौड़ी यानी दो लेन की होगी। एनएचएआई इसके निर्माण पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च करेगा। सड़क बनने से गीडा क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों से कालेसर जीरो पॉइंट तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, पहले सड़क निर्माण के लिए गीडा से धनराशि मांगी गई थी लेकिन कमिश्नर के निर्देश के बाद अब एनएचएआई ने स्वयं अपने खर्च से सड़क बनवाने पर सहमति जताई है। सड़क निर्माण से पहले गीडा की ओर से एनएचएआई को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिया जाना है।
बैठक में सड़क की डिजाइन को लेकर दोनों विभागों के बीच कुछ बिंदुओं पर मतभेद सामने आए। गीडा ने सड़क की डिजाइन एनएचएआई को उपलब्ध कराई है। इसमें गोलंबर के निर्माण को लेकर दोनों विभागों के अलग-अलग तर्क हैं। अधिकारियों ने इस विवाद को जल्द सुलझाने की बात कही है। इसके लिए कुछ दिन बाद दोबारा बैठक प्रस्तावित है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अंकित ने बताया कि गीडा में हुई बैठक में सड़क निर्माण को लेकर नया प्रस्ताव सामने आया है। इस प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।