गोरखपुर में यूपी टीईटी परीक्षा समाप्त के बाद सेंट एंड्रयूज कॉलेज से अम्बेडकर चौराहे तक लगा जाम।
शहर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर अभ्यर्थियों का आना तय था, मगर पुलिस की तैयारी सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह गई। रूट डायवर्जन का प्लान तैयार कर पुलिस भूल गई और लोग जाम की वजह से जूझते रहे। आलम यह था कि सुबह की पाली में परीक्षा में शामिल होने निकले लोग कई घंटे तक जाम में जहां-तहां फंसे थे। इतना ही नहीं जाम की खबर जब अफसरों तक पहुंची तो ही मातहत सड़क पर ड्यूटी करने को उतरे और पूरा गुस्सा राहगीरों पर उतारा। आनन-फानन में डायवर्जन लागू किया गया और लोगों को जैसे-तैसे हटाकर आवागमन शुरू हो पाया।
इस दौरान कई लोगों ने पुलिसक र्मियों पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। बक्शीपुर, आर्यनगर इलाके में कई कॉलेज परीक्षा के सेंटर बनाए गए थे। आर्यनगर चौराहे पर जाम में गाड़ियां जब पूरी तरह से फंस र्गइं तो एसओ तिवारीपुर वहां पहुंचे। जाम से निजात की कौन कहे अभद्रता करने और लोगों को धकेलना शुरू कर दिए। इससे अफरातफरी होने लगी। लोगों को तरंग क्रॉसिंग की ओर डायवर्ट तो करा दिया गया लेकिन आगे गलियों की ओर जाने से नहीं रोका गया लिहाजा गलियों में जाम लगा।
कुछ यही हाल बक्शीपुर इलाके का भी रहा। यहां दिनभर गाड़ियां रेंगती रहीं। असुरन चौक, विजय चौक, बैंक रोड पर भी जाम लगा रहा। बड़ी बात यह कि कहीं पर भी रूट डायवर्जन का पालन नहीं किया गया था। इससे ज्यादा दिक्कत हुई।