आरएम के दावे खोखले, समस्या बरकरार
गोरखपुर। डीएम के आदेशों का उल्लंघन परिवहन निगम के जिम्मेदार कर रहे हैं लेकिन इसका खामियाजा आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले यूनिवर्सिटी चौराहे से रेलवे स्टेशन रोड पर रोडवेज बसों का कब्जा रहता है लेकिन परिवहन निगम के अधिकारियों को सारी व्यवस्था दुरुस्त ही नजर आती है। इस मामले में सोमवार को आरएम का दावा खोखला साबित हुआ।
आरएम का दावा है कि बसों का संचालन निर्धारित प्लेटफार्म से ही हो रहा है। अब यह रोड जाम मुक्त हो गया है। लेकिन जब उनके दावों की पड़ताल की गई तो खोखले नजर आए। इस रोड पर बड़ी संख्या में बसें सड़क की दोनों पटरियों पर खड़ी थीं जिससे इस मार्ग पर भीषण जाम लगा था। राहगीर जाम में जूझते नजर आ रहे थे।
रेलवे बस स्टेशन मार्ग को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए डीएम ने आरएम को आदेश दिया था कि लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज से आने वाली बसों को नौसड़ बस स्टेशन पर ही रोका जाए और वहीं से इनका संचालन किया जाए। साथ ही रेलवे बस स्टेशन रोड पर खड़ी होने वाली बसों को स्टेशन परिसर के अंदर खड़ी करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद बाकायदा 12 कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए और दावा किया गया कि बसें निर्धारित प्लेटफार्म से ही संचालित हो रही हैं। सड़क पर बसें नहीं खड़ी हो रही हैं। लेकिन सोमवार को ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला।
अब स्थिति पहले से बेहतर हो गई है। काफी हद तक लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल गई है। समय-समय पर जाकर सड़क पर खड़ी बसों के चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हूं और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
- पीके तिवारी, आरएम