सीएम योगी भी कर चुके हैं सराहना
रीतिका ने बताया कि पिछले साल जागृति यात्रा के दौरान कोलंबिया की एक महिला उद्यमी से मुलाकात हुई। उन्हें हमारा सामान पसंद आया और सारा खरीद लिया। अब वह हमसे लगातार सामान मंगाती रहती हैं। सामाजिक संगठन शक्ति वैभव श्री के सदस्य ये ज्वेलरी अमेरिका ले गए, वहां भी लोगों को यह पसंद आया और अब वहां से भी लगातार मांग आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक प्रदर्शनी में उनके काम की सराहना की थी।
केले के रेशे से बनी ज्वेलरी।
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पांच हजार से अधिक ज्वेलरी सेट बिक चुके
रीतिका के अनुसार, केले का रेशा मजबूत होता है। इनसे बनी आर्टिफिशियल ज्वेलरी अगर ठीक से रखी जाए तो 4-5 साल तक इसका उपयोग हो सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक पांच हजार से अधिक ज्वेलरी सेट बिक चुके हैं। उन्होंने बताया कि रेशे से धागा बनाने का काम सबसे कठिन होता है। अक्सर मरोड़ने के दौरान हाथ कट जाता है।
रीतिका ने बताया कि केले के रेशे के बंडल को पानी में भिंगो कर दो घंटे रखते हैं। इसके बाद उसमें लगे चिपचिपे पदार्थ को कंघी से साफ करके रंगते हैं। इसके बाद धूप में सुखाते हैं। इसके बाद महिलाएं रेशे से धागा बनाती हैं। फिर काॅर्ड बोर्ड को विभिन्न सेप में काटने का कार्य किया जाता है। कटे हुए काॅर्ड बोर्ड पर धागे के साथ स्टोन, मोती और शीशा लगाकर सुंदर लुक देने का काम किया जाता है।