भ्रष्टाचार का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट राहुल दूबे ने खजनी तहसील में तैनात तत्कालीन संपत्ति राजस्व निरीक्षक अभियुक्त कमर आलम को तीन साल के कठोर कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को एक माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि शिकायतकर्ता रामदीन सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कासिमपुर जिगनी का निवासी है। उसने एक दिसंबर 2018 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया। जिसमें उसका कहना था कि उसकी मां मुनरा देवी के नाम से एक जमीन है। जिसकी पैमाईश कराने के लिए उसने उपजिलाधिकारी खजनी के यहां वाद दाखिल किया।
पैमाइश के लिए जब शिकायतकर्ता राजस्व निरीक्षक कमर आलम से मिला तो वह पैमाइश के लिए पांच हजार रुपये घूस की मांग की। शिकायतकर्ता घूस नहीं देना चाहता था, बल्कि अभियुक्त को घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। शिकायत पर ट्रैप टीम का गठन हुआ और अभियुक्त राजस्व निरीक्षक को दुधारा बाजार चौराहे के पास से घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।