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आरईएस: सिद्धार्थनगर के लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज

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गोरखपुर। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा प्रखंड सिद्धार्थनगर में तैनात रहे लिपिक रणजीत यादव पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर ने कार्रवाई की है। सतर्कता विभाग की जांच में उनकी आय और खर्च के बीच 37 लाख रुपये से अधिक का अंतर सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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उत्तर प्रदेश शासन के सतर्कता अनुभाग-3 के आदेश पर रणजीत यादव के विरुद्ध जांच कराई गई थी। रणजीत यादव वर्तमान में वार्ड नंबर-19, नगरपालिका आर्यनगर, तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर में रहते हैं। जांच के आधार पर सतर्कता अधिष्ठान ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट में जांच अवधि के दौरान रणजीत यादव की सभी ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल आय 43,16,884 रुपये पाई गई।
जांच में सामने आया कि इसी अवधि में रणजीत यादव ने संपत्तियों के अर्जन और भरण-पोषण पर कुल 80,19,724.84 रुपये खर्च किए। इस तरह उनकी आय और खर्च के बीच 37,02,840.84 रुपये का अंतर मिला। सतर्कता विभाग ने इसे ज्ञात आय के अनुपात में अधिक व्यय माना।
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सतर्कता अधिष्ठान के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह के अनुसार, जांच के दौरान रणजीत यादव से अतिरिक्त व्यय और संपत्तियों के अर्जन के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन वह संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। जांच में प्रथमदृष्टया उन्हें अनानुपातिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी पाया गया। शासन से अभियोग दर्ज कर विवेचना के आदेश मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर ने रणजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अब विवेचना के दौरान उनकी संपत्तियों, आय के स्रोतों और संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी।
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