पावर कारपोरेशन ने लाइन लॉस को कम करने एवं बकाए राजस्व को वसूलने का जिम्मा वितरण खंड के अवर अभियंताओं को दिया है। खंड में अधिक लाइनलॉस (एटीएंडसी) वाले फीडरों पर अवर अभियंता अपनी टीम के साथ निगरानी करेंगे। समय-समय पर लोड और उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार राजस्व की समीक्षा कर रिपोर्ट एमडी ऑफिस को भेजेंगे। अपने फीडर क्षेत्र में 100 फीसदी राजस्व जमा करने की जिम्मेदारी अवर अभियंताओं की ही होगी। इसे लेकर निर्देश जारी कर दिया गया है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ‘98 प्रतिशत चोरी, 24 घंटे बिजली की चाहत कैसे हो पूरी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर एमडी स्तर से अधिशासी से लेकर अवर अभियंताओं तक जिम्मेदारी तय कर दी गई है। पावर कारपोरेशन ने उपखंड अधिकारी/अधिशासी अभियंता (वितरण)/अधीक्षण अभियंता (वितरण)/ मुख्य अभियंता (वितरण) एवं डिस्कॉम के निदेशक (वाणिज्य) को इसकी मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया है।
इसके तहत सभी फीडरों में एक बार फिर से एनर्जी ऑडिट किया जाएगा। इसके लिए अवर अभियंताओं को अलग-अलग जिम्मा दिया गया है। जैसे, अवर अभियंता अपने फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की टैगिंग करेंगे, फीडर की इनपुट एनर्जी एवं बिल्ड एनर्जी के अंतर के आधार पर विद्युत चोरी एवं राजस्व हानि को रोकने हेतु आवश्यक कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
फीडर पर चल रहे वास्तविक लोड एवं फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं के कुल स्वीकृत लोड के अंतर का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार होगी। वहीं फीडर से संबंधित 10 हजार रुपये से अधिक के बकाएदार व कभी न भुगतान करने वाले गैर सरकारी उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली की जिम्मेदारी भी अभियंताओं की ही होगी।
इन कामों का भी दिया गया जिम्मा
आईडीएफ/एडीएफ/अनमीटर्ड से मीटर्ड मामलों में अवर अभियंता (वितरण/परीक्षण) मीटर बदलने/लगाने का काम करेंगे। आईडीएफ/आरडीएफ/एडीएफ/सीडीएफ में बिल रिवीजन का कार्य उपखंड अधिकारी (वितरण)/अधिशासी अभियंता करेंगे। फीडर से संबंधित कम खपत वाले उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित कनेक्शन का निरीक्षण अवर अभियंता करेंगे। सूत्रों ने बताया कि जून में इन लाइनलॉस को 20 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य अभियंताओं को दिया गया है।