गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित शोधार्थी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया के कुलपति प्रो. केएन सिंह ने कहा कि शोधार्थी सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहें बल्कि अपने शोध को समाज और राष्ट्र की जरूरतों से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि आज देश को विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका चाहिए। ‘जय जवान, जय किसान’ से आगे बढ़कर ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ आज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डिग्री आपको योग्यता देती है, जबकि कौशल आपको रोजगार योग्य बनाता है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोधार्थी विश्वविद्यालय की रीढ़ हैं और गुणवत्तापूर्ण शोध से ही संस्थान की पहचान बनती है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वालों की संख्या 35 से बढ़कर 478 तक पहुंची है। उन्होंने शोधार्थियों को शिक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए उन्हें आगे भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय 1000 से अधिक पेटेंट की दिशा में अग्रसर है और पेटेंट फाइलिंग में देश के शीर्ष संस्थानों में शामिल हो चुका है। वर्तमान में 450 से अधिक शोध परियोजनाएं चल रही हैं तथा लगभग तीन करोड़ रुपये का शोध अनुदान प्राप्त है। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. तुलिका मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक इकाई ‘तरंग’ की प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता को भी सम्मानित किया गया।
478 को पीएचडी उपाधि : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में मंगलवार को 45वें दीक्षांत समारोह के अंतर्गत आयोजित ‘शोधार्थी सम्मान समारोह-2026’ में 478 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की गई।