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Gorakhpur News: शोधकर्ताओं ने सीखा स्वास्थ्य आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण का तरीका

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- छह दिवसीय प्रतिबिंब कार्यशाला का समापन, 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 50 शोधकर्ताओं ने लिया प्रशिक्षण
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गोरखपुर। स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े केवल संख्या नहीं बल्कि बेहतर स्वास्थ्य नीति और प्रभावी उपचार की आधारशिला हैं। इन्हीं आंकड़ों को वैज्ञानिक तरीके से समझने और शोध में इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण देने के लिए एम्स में आयोजित छह दिवसीय प्रतिबिंब कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। 24 अगस्त से चली कार्यशाला में 16 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 50 शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इनमें 51 प्रतिशत महिलाएं थीं।
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कार्यशाला में शोधकर्ताओं को आंकड़ों को व्यवस्थित करने से लेकर उनके वैज्ञानिक विश्लेषण तक की प्रक्रिया समझाई गई। महामारी विज्ञान, सांख्यिकीय विश्लेषण, परिकल्पना परीक्षण और शोध निष्कर्षों की व्याख्या का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, जनगणना और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण जैसे प्रमुख आंकड़ा स्रोतों के उपयोग की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण का दायरा यहीं तक सीमित नहीं रहा। बहु-स्तरीय विश्लेषण, भौगोलिक सूचना प्रणाली, स्थानिक महामारी विज्ञान तथा जलवायु और स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर शोध की तकनीक भी सिखाई गई। एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डाॅ.) विभा दत्ता ने शोध क्षमता मजबूत करने और वैज्ञानिक साक्ष्यों को स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी कार्यवाही में बदलने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समन्वयक सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर डाॅ. यू वेंकटेश रहे।
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