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Gorakhpur: 10 साल के बच्चे ने एक साल पहले खाने की नली में फंसा लिया था सिक्का, हालत बिगड़ने पर किया सफल ऑपरेशन

Wed, 18 May 2022 01:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

नाक, कान गला रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन यादव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पीएन सिंह और एनेस्थीसिया के डॉ. सुरेश सिंह की टीम ने ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई है।
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BRD - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने 10 साल के बालक के खाने की नली में फंसे सिक्के को निकाल कर उसकी जान बचाई। सिक्का एक साल से फंसा था। इसकी वजह से उसे खाने-पीने में तकलीफ हो रही थी। साथ ही खाना भी नहीं पचता था। नाक, कान, गला रोग विभाग के दो सीनियर डॉक्टरों की टीम ने सफल ऑपरेशन किया।  

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जानकारी के मुताबिक, देवरिया के रुद्रपुर निवासी प्रियांशु (10) ने घर में ही खेलने के दौरान सिक्का निगल लिया था जो खाने की नली में अटक गया था। मार खाने की डर से उसने इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी। इस बीच सिक्का खाने की नली से फिसल कर फेफड़े तक पहुंच गया। प्रियांशु के पिता ने बताया कि बीते दो महीने से बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। खाना खाने के बाद उल्टी होने लगती थी। देवरिया और गोरखपुर के कई निजी अस्पतालों में दिखाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अंत में बीआरडी लेकर आए, जहां पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचा ली।

मांस की कई परतें जम गई थीं सिक्के पर

नाक, कान गला रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन यादव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पीएन सिंह और एनेस्थीसिया के डॉ. सुरेश सिंह की टीम ने ऑपरेशन कर जान बचाई है। डॉ आरएन यादव ने बताया कि सिक्के पर मांस की कई परतें जमा हो गई थीं। इस प्रक्रिया में करीब एक वर्ष लग जाते हैं। सिक्के के कारण आंत व सांस की नली में छेद हो गया था। इसकी वजह से ऑपरेशन में काफी समय भी लगा। डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा। दो दिनों तक बालक को वेंटिलेटर पर और आठ दिनों तक आईसीयू में रखा गया था। मंगलवार को उसे घर भेज दिया गया।

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