गोरखपुर में कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए शासन ने जीवनरक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर की कीमत घटा दी है। दवा निर्माता कंपनियों से चर्चा के बाद इस इंजेक्शन की कीमत करीब 60 फीसदी तक कम कर दी गई है। शासन की पहल पर यह निर्णय कंपनियों ने लिया है।
दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दूबे एवं महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर में इंजेक्शन की डिमांड कई गुना बढ़ गई है। ऐसे में सरकार ने रेट कम करके मरीजों को काफी हद तक राहत दी है। बताया कि सरकार ने जो भी रेट तय किए हैं उसके ऊपर इंजेक्शन को कोई भी दवा विक्रेता बेचते हुए पाया जाएगा तो समिति उस व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
बताया कि शुक्रवार की देर शाम रसायन और उर्वरक मंत्रालय फार्मास्यूटिकल विभाग एनपीपीए के सलाहकार एन आई चौधरी ने सभी फार्मा कंपनियों को तत्काल प्रभाव के साथ संशोधित मानदंडों का पालन करने का आदेश दिया है। शासन द्वारा इसके लिए कड़ा पत्र जारी किया है। इसमें सभी कंपनियों के पुराने एमआरपी और नए एमआरपी का उल्लेख भी है। शासन ने रेमडेसिविर के निर्माताओं को संशोधित एमआरपी को लागू करने के लिए निर्देशित किया है। यह बीते 15 अप्रैल से प्रभावी हो गया है।
यह है इंजेक्शन के नए रेट
निर्माता कंपनियां पुराना एमआरपी नया एमआरपी
कैडिला हेल्थ केयर लिमिटेड 2800 899
सिनजेन इंटरनेशनल लिमिटेड 3950 2450
डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेट्रीज लिमिटेड 5400 2700
हेटेरो लैब्स लिमिटेड 5400 3490
जूबिलेंट फार्मा लिमिटेड 4700 3400
माइलन लैबोरेट्रीज लिमिटेड 4800 3400
सिप्ला लिमिटेड 4000 3000