गोरखपुर। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा लोगों के लिए न्याय की उम्मीद साबित हो रहा है। अब तक 1374 मामलों में निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जा चुकी है। बेसहारा 897 बंदियों को जेल से रिहाई भी दिलाई गई है।
आर्थिक तंगी के कारण न्याय से वंचित रहने वाले गरीब और असहाय लोगों के लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम सहारा बन रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में संचालित इस व्यवस्था के तहत जेल में निरुद्ध उन बंदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिनके पास न तो अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए संसाधन है और न ही कोई पैरवीकार।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच मिले 1374 मामलों में से 988 मामलों का निस्तारण किया गया है। कानूनी सहायता के जरिये 897 आरोपियों को जेल से रिहाई में मदद की गई है। रिमांड के स्तर पर 1871 आरोपियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। जेल विजिट के दौरान 7811 बंदियों को कानूनी सहायता दी गई।
एलएडीसीएस की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जेल में निरुद्ध आर्थिक रूप से कमजोर व बेसहारा बंदियों को न्याय दिलाने में सामने आ रही है। ऐसे कई बंदी लंबे समय से जेल में हैं जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वे अधिवक्ता नियुक्त करने में असमर्थ हैं। कुछ मामलों में जमानत स्वीकृत होने के बावजूद आर्थिक कठिनाइयों के कारण जमानतदार या अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही थीं। ऐसे मामलों में विधिक सहायता के माध्यम से उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
- ब्रजेश सिंह, चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल, एलएडीसीएस