चार दिन बाद शुरू हुई रजिस्ट्री...सर्वर ने झेलाया
- सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद शाम को निराश लौटे
- सर्वर शिफ्टिंग के कारण चार दिन ठप रही थी रजिस्ट्री
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। निबंधन कार्यालय में चार दिनों बाद बुधवार को जमीनों की रजिस्ट्री शुरू हुई, लेकिन सर्वर ने खूब झेलाया। सुबह से ही सर्वर के स्लो चलने से रजिस्ट्री प्रभावित हुई। शाम छह तक महज 63 रजिस्ट्री ही सकी, जबकि रोजाना औसतन करीब 150 रजिस्ट्री होती है। शाम तक करीब 80 लोगों की रजिस्ट्री नहीं पाई और वे निराश होकर लौटे। अब उन्हें बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री के लिए बुलाया गया है।
दरअसल, रजिस्ट्री विभाग के क्लाउड सर्वर को अब नेशनल क्लाउड से जोड़ने के बाद आठ से 11 नवंबर तक तक ट्रायल चल रहा था। इसके चलते चार दिनों तक रजिस्ट्री का काम बंद था। बुधवार को जब रजिस्ट्री शुरू हुई तो सर्वर ही धीमी गति से काम करने लगा। दोपहर बाद सर्वर रुक-रुककर काम कर रहा था। इससे एक-एक रजिस्ट्री में 20 से 25 मिनट लग गया। रजिस्ट्री के लिए एक घंटे का समय बढ़ाकर शाम छह बजे तक किया गया था, लेकिन शाम तक सर्वर ठीक नहीं हो पाया।
निबंधन कार्यालय प्रथम में 31 और द्वितीय में 32 रजिस्ट्री हो सकी। मिर्जापुर से रजिस्ट्री कराने आए सुजीत और उनके भाई रमेश ने बताया कि दोपहर बाद हम लोगों को समय मिला था, लेकिन शाम तक रजिस्ट्री नहीं हो पाई। अब बृहस्पतिवार को भी सबको सहेजकर लाना होगा। वहीं, जब रजिस्ट्री के इंतजार में दो घंटे से ज्यादा हो गए तो अपराह्न साढ़े तीन बजे के बाद कई लोग लौट गए। विभाग में भीड़ ज्यादा होने के चलते बैठने की व्यवस्था कम पड़ गई। लोग सीढि़यों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं, विरासत गलियारा में भी रजिस्ट्री कराने आए लोगों को परेशानी हुई।
एआईजी स्टांप संजय दुबे ने बताया कि सर्वर की समस्या के चलते रजिस्ट्री में दिक्कतें आई हैं। जिन लोगों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई उन्हें फिर बुलाया गया है।