डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। अवैध शराब से जुड़े धंधेबाजों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव में जहरीली शराब से हो चुकी हैं मौतें
गोरखपुर में जहरीली शराब से पूर्व में मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। 2015 के पंचायत चुनाव में जहरीली कच्ची शराब पीने से चार लोगों की जान गई थी। वहीं 2019 में कुशीनगर में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई थी। इस पर लगाम लगाने के लिए अब रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है।
10 वर्षों का खंगाला जा रहा रिकार्ड
डीएम के निर्देश पर बीते 10 वर्षों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। इन 10 सालों में जो भी शराब तस्करी व कच्ची शराब के पेशेवर धंधेबाजों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उनके आरोपितों की निगरानी कर उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। अगर अब भी वे इस धंधे में लिप्त हैं तो उनपर रासुका की कार्रवाई की जाएगी।