गोरखपुर। जिले में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर है। सुबह से शाम तक इसमें एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है, पर यह अब भी खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण जिले के 46 गांव पानी से घिर गए हैं।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि नेपाल में बारिश न होने पर राप्ती का जलस्तर कम हो सकता है। सरयू नदी के जलस्तर में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कोई वृद्धि नहीं हुई है। रोहिन नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई है। गोर्रा नदी का जलस्तर भी कम होने लगा है और यह पहले से ही खतरे के निशान से नीचे है। इनमें गोला तहसील के 36 गांव, बांसगांव तहसील के पांच गांव और सदर तहसील के पांच गांव शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही के लिए 69 नावें लगाई गई हैं। बाढ़ पीड़ितों को भोजन के लिए सामुदायिक रसोई से चार हजार लंच पैकेट बांटे गए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनप्रतिनिधियों संग गोला तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावितों के स्वास्थ्य के लिए चिकित्सकों की टीम भी तैनात की गई है।