पूर्व मुकदमे में सुलह से इन्कार करने पर दी गाली, जान से मारने की धमकी का भी आरोप
पीड़िता का आरोप-गीडा पुलिस ने पहले नहीं की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गीडा। गीडा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता की पिटाई और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दुष्कर्म के आरोपियों ने मुकदमे में सुलह नहीं करने पर ऐसा किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने पहले गीडा थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़िता कोर्ट की शरण में गई। कोर्ट के आदेश पर गीडा पुलिस ने शंभू यादव और सचिन यादव के खिलाफ एससीएसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती पिछले साल चार अगस्त 2025 को दिन में करीब 11 बजे नौसड़ चौराहे पर बीएसएफ का फॉर्म भरने जा रही थी। इसी दौरान आरोपी अहिरौली पटखौली निवासी शंभू यादव और उसका एक साथी सचिन यादव कार से उसका पीछा करने लगे। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने रास्ते में जबरन उसे रोक लिया और गाड़ी में बैठाने की कोशिश की।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ पहले से दुष्कर्म, एससी/एसटी एक्ट और मारपीट से जुड़े मुकदमे हैं। उसी मामले में सुलह करने का दबाव बनाया जा रहा था। जब पीड़िता ने सुलह से इन्कार कर दिया तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके साथ मारपीट की। इस दौरान जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद पीड़िता गीडा थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत की, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की निष्क्रियता से निराश होकर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने गीडा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद गीडा थाना पुलिस ने आरोपी शंभू यादव और सचिन यादव के खिलाफ एससीएसटी एक्ट, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थाना प्रभारी अश्वनी पांडेय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।