गोरखपुर। झारखंड जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड रेलवे के सीनियर इंजीनियर विनय साह उर्फ हरिहर सिंह को अब बी-वारंट पर झारखंड ले जाया जाएगा। झारखंड सीआईडी की टीम जल्द ही उसे गोरखपुर से प्रोडक्शन वारंट पर कस्टडी में लेगी। विनय के गिरफ्त में आने के बाद पेपर लीक सिंडिकेट और उसके अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर कई बड़े पर्दाफाश की उम्मीद है। उसके खिलाफ सीआईडी ने जनवरी माह में प्राथमिकी दर्ज की थी।
दरअसल, शुरुआती जांच में सीआईडी इस मामले में गोरखपुर के संदीप त्रिपाठी उर्फ शशिभूषण व बनारस के मनोज कुमार को मास्टरमाइंड मान रही थी। लेकिन 22 मई को दोनों से पूछताछ में विनय और अनीश का नाम सामने आया था। सीआईडी टीम विनय की तलाश में आई थी। उसे नोटिस भी जारी किया था, लेकिन नोटिस मिलने के बाद भागने के कारण सीआईडी ने वारंट जारी करवाया था।
झारखंड पुलिस ने विनय की गिरफ्तारी में सहयोग के लिए यूपी एसटीएफ से अनुरोध किया था। उप पुलिस अधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने विनय शाह को गोरखपुर के यांत्रिक कारखाना के पास से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया था। वह शाहपुर थाना क्षेत्र के हनुमंत नगर कॉलोनी में रह रहा था। विनय शाह के पास से टीम ने एक नेपाली और एक भारतीय सिम बरामद किया है।
एसटीएफ की पूछताछ में विनय ने बताया था कि पेपर आउट होने के तुरंत बाद व नेपाल भाग गया था। सूत्रों के अनुसार, वह जेन-जी उपद्रव और हिंसा के बाद नेपाल में असुरक्षित महसूस करने लगा। सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी और बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी के कारण वह सीमावर्ती इलाके में छिपा रहा और वहीं से अपने नेटवर्क से संपर्क बनाए रखा। इसी बीच उसने एक साथी की मदद से शाहपुर थाना क्षेत्र के हनुमंत नगर कॉलोनी में किराए का मकान लिया और रहने लगा था।
अभ्यर्थियों को नेपाल ले जाकर कराता था पेपर का रिहर्सल
जांच में पर्दाफाश हुआ है कि विनय शाह ने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को मोतिहारी–रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल ले जाकर पेपर की रिहर्सल कराई थी। परीक्षा केंद्रों में नकल कराने और पेपर आउट करने की पूरी प्रोसेस इन रिहर्सल में समझाई जाती थी। वहीं से तय होता था कि किस उम्मीदवार को किस विषय का पेपर हल कराना है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश संभव, कई राज्यों तक फैला है जाल
एसटीएफ और झारखंड सीआईडी को संदेह है कि विनय कई राज्यों के पेपर लीक गिरोहों से जुड़ा हुआ है। बिहार, यूपी, झारखंड और नेपाल के नकल माफिया से उसके संबंधों की कड़ियां अब सामने आ सकती हैं। उसकी गिरफ्तारी से जेएसएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं।
जल्द होगी रिमांड पर लेकर पूछताछ
शाहपुर थाना प्रभारी नीरज कुमार राय ने बताया कि विनय शाह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और झारखंड सीआईडी के बी-वारंट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रिमांड पर लिए जाने के बाद उससे पेपर लीक में शामिल दूसरे सहयोगियों, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल साक्ष्यों और अभ्यर्थियों की सूची से संबंधित जानकारी निकाली जाएगी।