सहजनवां (गोरखपुर)। उप निबंधक कार्यालय पर बृहस्पतिवार को आयकर विभाग की इंटेलिजेंस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट ने लगभग आठ घंटे तक 50 दस्तावेजों की जांच की। इसमें 20 से ज्यादा रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर मिले हैं। जांच के दायरे में 10 लाख से अधिक के दस्तावेज शामिल थे।
अधिकारियों ने इन सबके रिकॉर्ड का मिलान किया। साथ ही तीन साल की हुई रजिस्ट्री के रिकॉर्ड का इंडेक्स भी टीम ने पैन ड्राइव में ले लिया। आयकर विभाग की टीम की जांच को लेकर शुक्रवार को पूरे दिन विभाग में चर्चा होती रही। सूत्रों के मुताबिक, 20 से 25 ऐसी रजिस्ट्री हुई हैं जिसमें कंपनियों में एक डायरेक्टर के ही नाम के पैन नंबर लगाए गए हैं। इन रजिस्ट्री में खरीद और बिक्री का रिकाॅर्ड सही नहीं दिखाया गया है।
अब इनके बैंक डिटेल को टीम खंगालने की तैयारी में है। बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे पहुंची टीम ने शाम सात बजे तक जांच की थी। वर्ष 2020 से 2023 तक की सभी रजिस्ट्री के इंडेक्स की साॅफ्ट कापी और 2024-25 का रिकॉर्ड पैन ड्राइव में ले गई। सब रजिस्ट्रार बागीश मिश्रा ने बताया कि आयकर विभाग की टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है। उन्होंने जितने रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे थे, उसे उपलब्ध करा दिया गया है।