इसमें मत्स्यजीवी सहकारी समिति लिमिटेड तारामंडल रोड मनहट ने 20 करोड़ 30 लाख 59 हजार 776 रुपये की सबसे अधिक बोली लगाई। इस कारण फर्म को नीलामी में ठेका मिला। फर्म की ओर से 10 साल तक रामगढ़ताल में शिकार और मछली पालन किया जाएगा। जीडीए के संपत्ति विभाग की ओर से नीलामी की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मछलियों के शिकार और पालन के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली फर्म को ठेका दिया गया है। जीडीए की ओर जारी निविदा की शर्तों का अनुपालन करना जरूरी होगा।