एम्स। जेन जी व जेन अल्फा की पहली पसंद रामगढ़ ताल का पानी इस समय प्रदूषण से गुजर रहा है। बीते 10 दिनों से ताल में हर रोज 15 लाख लीटर प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे रामगढ़ ताल की आबोहवा खराब हो गई है।
शहर की जुहू चौपाटी के नाम से फेमस हो चुके रामगढ़ ताल पर हर रोज लाखों लोगों का आना-जाना होता है। लोग यहां साफ वातावरण के लिए आते हैं वह सुबह शाम टहलते भी हैं लेकिन वर्तमान में रामगढ़ताल के अगल-बगल की आबोहवा प्रदूषित हो गई है। मोहद्दीपुर के पास ताल की तरफ जाने वाली रोड पर तो लोगों को नाक बंद कर आना और जाना पड़ रहा है। पानी से इतनी भीषण दुर्गंध आ रही है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
बताया जा रहा है कि ताल के पानी को साफ करने के लिए दो ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए गए हैं। महादेव झारखंडी के पास स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में 10 दिन से तकनीकी खराबी आ गई है। जिससे पानी साफ नहीं हो पा रहा है और प्रदूषित पानी सीधे ताल में छोड़ दिया जा रहा है। ऐसे में वहां से देखने पर रामगढ़ ताल का पानी कोयले से भी ज्यादा काला दिखाई दे रहा है ट्रीटमेंट प्लांट के भीतर की स्थिति तो और भी खराब है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
अधिशासी अभियंता जल निगम पंकज कुमार ने बताया कि बीते 14 तारीख को मशीन में कुछ तकनीकी दिक्कत की जानकारी मिली थी। लोकल लेवल पर 19 तारीख को ठीक कर लिया गया है लेकिन गड़बड़ी के कारण अभी भी पानी पूरी तरीके से साफ नहीं हो पा रहा है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें अभी कुछ और दिन लग सकते हैं क्योंकि हम लोगों की मजबूरी है की प्रदूषित पानी को रोक नहीं सकते इसलिए ताल में पानी वैसे ही जा रहा है।