राखी की खरीदारी करती युवतियां।
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अफगानिस्तान में भयावह हालात को देखते हुए इस बार बहनों ने अपने भाइयों को वहां राखियां नहीं भेजी है। बहनों को डर सता रहा कि यदि राखी भेजी तो वहां भाई तक राखी पहुंचाने तालीबान के आतंकी न चले जाएं। इससे उनके भाई की जान खतरे में पड़ सकती है। लिहाजा, इस बार उन्होंने उनकी लंबी उम्र की दुआ के साथ भगवान को राखी बांधने का फैसला किया है। एसएसपी डाक मनीष कुमार ने बताया कि इस बार अफगानिस्तान और पाकिस्तान में राखी भेजने की कोई बुकिंग नहीं हुई है।
चिल्लूपार के रंजीत मौर्य अफगानिस्तान के स्टील फैक्ट्री में काम करते हैं। इस समय वह फैक्ट्री में ही अपने आसपास के 28 साथियों के साथ फंसे हैं। उनके भाई सुजीत मौर्या ने बताया कि उनकी छह बहनें हैं। सभी अपने तीनों भाइयों को राखियां भेजती थीं, लेकिन इस बार अफगानिस्तान में रह रहे बड़े भाई को राखी नहीं भेज पाएंगी। बताया कि बहनों ने घर में ही भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए प्रभु श्रीराम को राखी बांधने का फैसला किया है। अपर डाक अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पिछली बार कुछ राखियां अफगानिस्तान के लिए बुक की गई थीं, लेकिन इस बार एक भी बुकिंग नहीं आई।
55 देशों में भेजी गईं लगभग 70 राखियां
एसएसपी डाक ने बताया कि इस बार 55 देशों में 70 राखियां भेजी गई हैं। इनमें कनाडा, न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, दुबई, ओमान, यूएसए, सिंगापुर, मलयेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया आदि शामिल हैं।
रविवार को भी राखी पहुंचाएंगे डाकिया
शनिवार तक शत-प्रतिशत राखी नहीं वितरित होने पर रक्षाबंधन के दिन यानी रविवार को भी डाकिया राखी वितरित करेंगे। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार रविवार को है। एसएसपी डाक मनीष कुमार ने बताया कि विभाग के वितरण अनुभाग के अवकाश को रद्द कर दिया गया है। रक्षाबंधन के मौके पर राखियों के लिफाफे छांटकर अलग कर लिए जाएंगे। सभी राखियों को त्योहार वाले दिन तक उक्त पते पर डाकिया ले जाकर वितरित करेंगे।