गोरखपुर। राज्य संगीत-नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 और 2024 के लिए पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इन पुरस्कारों में गोरखपुर के तीन कलाकारों के नाम शामिल हैं। राकेश श्रीवास्तव को लोकगीत, सुगम सिंह को लोकनृत्य और वरिष्ठ रंगकर्मी रवि शंकर खरे को बीएम शाह पुरस्कार के लिए चुना गया है।
नाट्य कला के लिए चयनित रविशंकर खरे रंगमंच के क्षेत्र में सशक्त हस्ताक्षर माने जाते हैं। वह नाट्य संस्था ‘दर्पण’ के माध्यम से वर्षों से युवा रंगकर्मियों को मंच प्रदान करते रहे हैं। वह भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष भी रहे हैं। सांस्कृतिक संस्था संस्कार भारती से जुड़कर उन्होंने रंगमंच को नई दिशा देने का कार्य किया है।
राकेश श्रीवास्तव लंबे समय से पारंपरिक गीतों को सहेजने का कार्य कर रहे हैं। वह नियमित रूप से कार्यशालाओं का आयोजन कर नई पीढ़ी को लोकगीतों की बारीकियां सिखाते हैं। वह पूर्व में संगीत नाटक अकादमी के सदस्य भी रह चुके हैं। देश-विदेश के कई मंचों पर लोकगीतों के जरिये भारत का परचम लहरा चुके हैं।
सुगम सिंह ने क्षेत्रीय नृत्य परंपराओं को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने वनटांगिया समुदाय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं व युवतियों को लोकनृत्य से जोड़कर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया है। सुगम सिंह ने कहा कि यह सम्मान मिलना उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल की लोक संस्कृति के लिए गौरव का विषय है।
तीनों कलाकारों ने पुरस्कार घोषणा पर खुशी जताते हुए कहा कि इस सम्मान से कला की साधना को और विस्तार देने का संकल्प और सुदृढ़ हुआ है। इन पुरस्कारों की घोषणा के बाद कला जगत से जुड़े लोगों ने पूर्वांचल के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए हर्ष व्यक्त किया है।