राजस्थान के अफसर गोरखपुर में चुनावी खर्च पर नजर रखेंगे। जिले की नौ विधानसभा में पार्टी व प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग ने यहां तीन व्यय प्रेक्षक तैनात किए हैं। प्रत्येक को दो से चार विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फिलहाल, ये व्यय प्रेक्षक वर्चुअली ही चुनावी खर्च पर नजर रखेंगे। उनकी सहायता के लिए मुख्य कोषाधिकारी के नेतृत्व में स्थानीय अफसरों की टीम लगाई गई है। शुक्रवार को व्यय प्रेक्षकों ने इन अफसरों की वर्चुअल बैठक बुलाई है। नामांकन के आखिरी दिन 11 फरवरी तक तीनों व्यय प्रेक्षक गोरखपुर आ जाएंगे।
जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों व्यय प्रेक्षक राजस्थान के हैं। जिले की कैंपियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर शहर और ग्रामीण विधानसभा की निगरानी के लिए व्यय प्रेक्षक प्रदीप शौर्य आर्य, बांसगांव, चिल्लूपार और चौरीचौरा के लिए जे. प्रेमानंद और सहजनवां व खजनी के लिए अभिमन्यु सिंह यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विधानसभा चुनाव 2022 के लिए जिले में कुल 12 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। इनमें सभी नौ विधानसभाओं में एक-एक सामान्य प्रेक्षक होंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि 11 फरवरी तक सभी प्रेक्षक आ जाएंगे। इनके अलावा एक स्वीप प्रेक्षक भी तैनात किए गए हैं। इनका काम मतदाता जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों की निगरानी करना है।
अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकेगा हर प्रत्याशी
नामांकन के साथ ही संबंधित प्रत्याशियों के खातों में चुनावी खर्च जुड़ने लगेगा। व्यय प्रेक्षकों का काम इन खर्चों की निगरानी करना और रिपोर्ट बनाना है। चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकेगा। सभी प्रत्याशियों को अपने खर्च का हिसाब रखने के लिए एक रजिस्टर बनाना होगा और नामांकन के दिन से रोजाना के खर्चों का ब्यौरा व्यय प्रेक्षक को देना होगा।