तेज हवा के साथ हुई बारिश, सड़कों पर भरा पानी, किसानों को सता रही फसल की चिंता
औसत से 79 मिमी अधिक हो चुकी है वर्षा, 30 फीसदी तक घट सकता है धान की उत्पादन
अस्पताल चौराहे पर गिरा पेड़, कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त, मालवीय रोड के समीप निर्माणाधीन सड़क नाले में बही
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में बुधवार सुबह से शुरू हुआ बारिश का क्रम बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। तेज हवा के साथ हुई बारिश से सड़कों और खेतों में पानी भर गया। कई स्थानों पर पोल, नगर में एक विशाल पेड़, धान और गन्ने की फसल गिर गई। निकासी की बेहतर व्यवस्था न होने से कई मुहल्लों में घरों में पानी पहुंच गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसूनी सीजन में इस वर्ष औसत से 79 मिमी अधिक बारिश हुई है। वहीं कृषि विशेषज्ञ 30 फीसदी तक धान का उत्पादन घटने का अंदेशा जता रहे हैं।
बारिश से नगर पालिका क्षेत्र के आवास विकास कालोनी, न्यू बैरिहवां वार्ड, रामेश्वरपुरी के कई घरों में पानी घुस गया। पांडेय बाजार, तुरकहिया, नरहरिया, विशुनपुरवा सहित अन्य वार्ड में जल भराव के चलते लोग परेशान रहे। धर्मशाला रोड, जिला अस्पताल मार्ग पूरी तरह से पानी में डूबा नजर आया। जिला महिला अस्पताल परिसर में जल भराव के चलते मरीजों को काफी असुविधा हुई। यही हाल नगर पालिका परिषद कार्यालय परिसर, बिजली विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य कार्यालयों का रहा। बिजली विभाग के दफ्तर में पानी भर जाने के चलते यहां कामकाज प्रभावित रहा। नगर पालिका परिषद के ईओ अखिलेश त्रिपाठी कहते हैं कि अधिक बारिश के चलते नाले ओवर फ्लो होकर बह रहे हैं, जल भराव से निजात के लिए कम से कम पांच घंटे का समय चाहिए। पालिका की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द पानी की निकासी हो जाए। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत हुई। खराब और जर्जर सड़कों पर गड्ढे और सड़क में फर्क करना मुश्किल हो गया है। बावजूद इसके जिन्हें आवश्यक कार्य था वे कुछ देर के लिए निकले।
सदर ब्लॉक के गौरा निवासी प्रगतिशील किसान राममूर्ति मिश्रा ने बताया कि बारिश से धान की फसल चौपट हो गई है। सारी फसल जमीन पर गिर गई है। गौर ब्लॉक के इटवा निवासी विजेंद्र पाठक, बहादुरपुर ब्लॉक के धौरहरा गांव निवासी परमानंद सिंह, सदर ब्लॉक के भेलवल गांव निवासी अरविंद सिंह ने बताया कि धान की फसल जमीन पर गिर गई है। इससे फसल को नुकसान होगा।
अस्पताल चौराहे पर गिरा विशाल पेड़
बारिश से जिला अस्पताल चौराहे के समीप एक विशाल पेड़ गिर गया। इस कारण एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। यातायात भी कुछ देर बाधित रहा। गनीमत रही कि बारिश के चलते ज्यादातार लोग दुकानों व अन्य स्थानों में शरण लिए हुए थे, इस वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। टीएसआई कामेश्वर सिंह बताते हैं कि पेड़ को नगर पालिका की ओर से हटवाया गया है, कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ था।
मालवीय रोड के समीप निर्माणाधीन सड़क नाले में बही
नगर पालिका क्षेत्र के पिकौरा शिवगुलाम वार्ड में पचपेड़िया को जोड़ने वाले निर्माणाधीन इंटरलॉकिंग सड़क का लगभग तीन मीटर तक का हिस्सा नाले में बह गया। सभासद प्रतिनिधि आशीष शुक्ल बताते हैं कि यह सड़क 9.95 लाख रुपये तक की लागत से बन रही थी, जो लगभग तैयार थी, ऐसे में यह घटना हो गई।
गौरा में दीवार, गोविंदापुर में मकान का एक हिस्सा गिरा, दो घायल
महादेवा प्रतिनिधि के अनुसार, सदर ब्लॉक के गौरा निवासी पारसनाथ के घर की दीवार बृहस्पतिवार भोर में तेज बारिश के बीच गिर गई। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पारसनाथ ने बताया कि पक्का मकान न होने के कारण बारिश में जीवन नरक जैसा हो गया है। बताया कि एक निजी स्कूल की गाड़ी चलाकर जीवन यापन कर रहे थे लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते रोजगार भी छिन गया ऊपर से अब रहने का घर भी नहीं बचा। छह बच्चों को लेकर कहां जाएं कुछ समझ नहीं आ रहा है। बृहस्पतिवार को उनके घर का चूल्हा नहीं जला।
नगर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गोविंदापुर में श्रीप्रकाश के मकान का एक हिस्सा गिर गया। उन्होंने बताया कि दोपहर में अचानक पुश्तैनी मकान का एक हिस्सा गिर गया। जिसमें सुनीता (30) व शोभा (28) घायल हो गई। दोनों का पीएचसी पर उपचार हुआ। वहीं घर में रखा अनाज व अन्य सामान बारिश में भीग गया।
दो जगह से कटा महुली-रजवाहा
- सरयू नहर खंड-चार के तहत आने वाला महुली रजवाहा महादेवा-बेहिल के बीच दो जगह से कट गया है। जिससे नहर का पानी खेतों में भर रहा है। किसान राम सूरत पांडेय, काशी व अनिरुद्ध उपाध्याय ने बताया कि बुधवार देर रात रजवाहा टूटने से करीब 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
औसत से 79 मिमी अधिक हो चुकी है बारिश
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा बोले, सारे पूर्वानुमानों को धता बताकर बारिश हो रही है। मानसून सत्र जून से सितंबर तक 1001 मिमी औसत बारिश होनी चाहिए। इस बार अब तक करीब 1080 मिमी बारिश हो चुकी हैै। जो औसत से 79 मिमी ज्यादा है। बताया कि सोमवार से बृहस्पतिवार तक 115 मिमी बारिश हो चुकी है। 25 से बारिश हल्की होगी और 26 को बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान है। 27 सितंबर से राहत मिलने की उम्मीद है।
गिर चुकी धान की फसलों का विकास कम होगा
कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकर ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और हवा चलने से कई स्थानों पर धान और गन्ने की फसलें जमीन पर गिर गईं हैं। इन दिनों धान पुष्पावस्था में थे, बारिश और हवा के कारण वे झड़ चुके हैं। गिर चुकी धान की फसल में दानों का विकास कम होगा। गुणवत्ता में भी कमी आएगी। इसका व्यापक असर उत्पादन पर पड़ेगा। पानी भरने से सब्जियों की पौध खराब होगी। बारिश के कारण धान का उत्पादन 25 से 30 प्रतिशत तक घट सकता है।