जल संरक्षण की दिशा में रेलवे ने कदम बढ़ाया है। ट्रेनों की धुलाई में होने वाली पानी की बर्बादी को रोकने के लिए रेलवे तीन वाटर रिसाइकलिंग प्लांट लगाने जा रहा है। इससे रोजाना डेढ़ लाख लीटर पानी को रिसाइकल कर फिर इस्तेमाल योग्य बनाया जाएगा। न्यू वाशिंग पिट पर एक प्लांट लगाकर सफल ट्रायल कर लिया गया है।
ट्रेनों की धुलाई में गोरखपुर में ही रोजाना डेढ़ से दो लाख लीटर पानी इस्तेमाल होता है। रेलवे की योजना के मुताबिक 50-50 हजार लीटर प्रति दिन शोधन क्षमता के तीन वाटर रिसाइकलिंग प्लांट न्यू वाशिंग पिट, पुराने वाशिंग पिट और चारफाटक वाशिंग पिट पर लगाए जाने हैं।
एक प्लांट न्यू वाशिंग पिट पर लगा दिया गया है। बाकी दो प्लांट भी जल्द लगाए जाएंगे। एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ये प्लांट जल संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इनसे ट्रेनों की धुलाई में व्यर्थ जाने वाले पानी को दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाया जाएगा।