दिल्ली में बवाल के चलते शहर में उन लोगों की चिंता काफी बढ़ गई है, जिनके परिवार के सदस्य या रिश्तेदार वहां हैं। बवाल के बाद से ही लोग फोन के जरिए परिजनों, रिश्तेदारों का हालचाल और वहां के माहौल के बारे में जानकारी ले रहे हैं। दिल्ली में बिगड़े हालात के चलते वहां से कुछ लोग घर लौटने लगे हैं। कई लोग होली में घर आने की तैयारी में जुटे थे, लेकिन वे भी रवाना हो चुके हैं।
गोरखपुर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, कुशीनगर और देवरिया के हजारों लोग रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। दिल्ली में पिछले दो दिनों से सीएए के विरोध और पक्ष में हो रहे बवाल के बाद वहां के कुछ इलाकों में दहशत का माहौल है। वहां रह रहे लोग तो खौफ में हैं ही, यहां गांवों में उनके परिवार के सदस्य इस समय खासे चिंतित हैं।
झंगहा निवासी राकेश तिवारी ने बवाल की जानकारी मिलते ही दिल्ली में रहने वाली अपनी पत्नी शीला से फोन पर बात की और कुशलक्षेम पूछा। उन्होंने पत्नी से कहा कि वे बच्चे को लेकर गांव लौट जाएं। राकेश ने बताया कि एक वर्ष पहले वह रोजगार के लिए दुबई चले आए और पत्नी दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में कर्मचारी हैं।
वहीं गोरखपुर के सोनबरसा में रहने वाले अशोक तिवारी ने दिल्ली में रहने वाली अपनी बेटी मनीषा से फोन पर बात की और हालचाल लिया। मनीषा की ससुराल पिपराइच इलाके के मुंडेरा गांव में है। वह अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हैं। इसी तरह दिल्ली में रहने वाले अभिषेक, छोटकू, बड़कू, गोलू, मारकंडेय सहित कई लोग होली से पहले ही चौरीचौरा, झंगहा स्थित अपने गांवों के लिए निकल चुके हैं।